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Jaipur: हर राजस्थानी को इलाज के साथ शुद्ध खाना-पानी और सफाई की गांरटी, राइट टू हेल्थ बिल आज होगा पारित

Fri, 23 Sep 2022 10:38 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान देश का पहला राज्य होगा, जहां पर राइट टू हेल्थ लागू किया जा रहा है। राजस्थान सरकार ने इसके लिए एक मसौदा तैयार किया है। प्रदेश की गहलोत सरकार का राइट टू हेल्थ बिल बनकर तैयार हो चुका है।
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राइट टू हेल्थ बिल लागू होगा - फोटो : Social Media
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विस्तार
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राजस्थान विधानसभा में आज बहुप्रतिक्षित राजस्थान स्वास्थ्य का अधिकार विधेयक पारित होगा। सरकार ने गुरुवार को सदन में रखा था। विधेयक के पारित हो जाने के बाद हर राजस्थानी का इलाज के साथ शुद्ध खाना-पानी और सफाई की गांरटी मिलेगी। कोताही पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना होगा, जिसे तय करने के लिए जिला और राज्य स्तर पर स्वास्थ्य प्राधिकरण बनाए जाएंगे।

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विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, अस्पताल की दरों पर नियंत्रण की मंशा भी जाहिर की गई है। विधेयक आज पारित हो जाता है तो राजस्थान देश का पहला राज्य होगा। विधेयक को पारित कराने के लिए शुक्रवार को विधानसभा में बहस होगी। विधेयक में जनस्वास्थ्य का मॉडल तैयार करने का इरादा जताया है। वहीं, जैव आतंकवाद, रासायनिक हमले और महामारी को स्वास्थ्य से संबंधित आपात स्थिति में शामिल किया गया है। 

पूछ सकेंगे रोग की प्रकृति, कारण तथा इलाज के परिणाम और खर्च। आपात स्थिति में अग्रिम इलाज के लिए अग्रिम फीस और पुलिस का इंतजार नहीं। उपचार की गोपनीयता। बिना सहमति ऑपरेशन, सर्जरी और कीमो थैरेपी नहीं। इससे पहले देनी होगी पूरी जानकारी। चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी पुरुष होने पर महिला रोगी की जांच अन्य महिला की मौजूदगी में ही। हर स्तर पर चिकित्सक, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता की उपब्धता। सुरक्षित खाद्य पदार्थ व पेयजल और स्वास्थ्य की गारंटी।
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चेरयर्पसन- सयुंक्त सचिव और आईएएस अधिकारी। सदस्य सचिव- जन स्वास्थ्य निदेशक। राज्य प्राधिकरण का कार्य- जन स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर सरकार को सलाह देना। शुद्ध खाना-पानी और सफाई के मानकों के क्रियान्वयन के लिए रणनीति तैयार करना। स्वास्थ्य लक्ष्य कर पंचायती राज और शहरी निकायों के जनादेश में शामिल कराना। जन स्वास्थ्य आपातकाल और महामारी की स्थिति से निपटने के लिए रणनीति। गुणवत्तापूर्ण हेल्थकेयर के लिए नियमित आडिट का तंत्र विकसित करना। राज्य प्राधिकरण के गठन के एक माह के भीतर जिला स्वास्थ्य प्राधिकरण का गठन किया जाएगा।

मांगी गई थी 24 मार्च तक आपत्तियां 
राइट टू हेल्थ बिल को लेकर राज्य सरकार की ओर से 24 मार्च तक आपत्तियां और सुझाव भी मांगे गए थे, जिस पर चर्चा करने के बाद चिकित्सा विभाग की ओर से फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस प्रक्रिया में विधिक राय भी ली गई है। इसके अलावा एक शिकायत निवारण तंत्र भी विकसित किया जाएगा, नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। इस ड्राफ्ट में सिविल कोर्ट में मुकदमा या कार्रवाई का अधिकार नहीं दिया गया है।

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