समारोह में मौजूद लोग (दानदाता महिला इनसेट में)
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राजस्थान में दान-दाताओं की कमी नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सात हजार रुपए महीना कमाने वाले ड्राइवर ने अपनी जमीन स्कूल के लिए दान कर दी। यह पहला उदाहरण नहीं है। इससे पहले एक महीने पूर्व भी एक ऐसा ही अनोखा दान हुआ था, जिसमें ढाई सौ रुपए दिहाड़ी कमानेवाली महिला मजदूर ने लोगों की जान बचाने के लिए अस्पताल बनवाने को अपनी पांच बीघा जमीन दान कर दी थी।
दरअसल यह मामला सीकर के कांवट कस्बे का है। कस्बे के पास स्थित भादवाड़ी में यह अनोखा दान देखने को मिला। भादवाड़ी में एक गरीबी रेखा में जीवन यापन करने वाले परिवार की महिला ने सरकारी अस्पताल के लिए 5 बीघा भूमि दान कर ईलाके में मिसाल कायम की है।
भादवाड़ी निवासी बिमला देवी वर्मा पत्नी जगदीश प्रसाद बलाई ने यह दान किया है। वे ईंट भट्टों व अन्य जगहों पर मजदूरी कर अपने परिवार का खर्चा चलाते हैं। बिमला के दान के बाद जब अस्पताल बन जाएगा, तो इससे इलाके के लोगों को चिकित्सा के लिए दूर तक भटकना नहीं होगा। उन्होंने अस्पताल प्रभारी अधिकारी डॉ.केके शर्मा को भूमि निर्माण के लिए भूमि सौंप दी।
पिछले दिनों गांव में अस्पताल के लिए भूमि की आवश्यकता का समाचार सुनकर रामेश्वर लाल मेलनर्स व अन्य लोगों से प्रेरित होकर भूमि दान करने की ठानते हुए 5 बीघा भूमि दान कर भामाशाह के रूप में उभरकर परिवार आगे आया।