जयपुर में अपनी ताई के हत्यारे अनुज शर्मा को लेकर नया खुलासा हुआ है। हत्यारा अनुज पहले भी ऐसा ही कुछ कारनामा कर चुका है। उसे टोकना और रोकना बेहद नागवार गुजरता है, उस पर वो रिएक्शन जरूर देता है। इसीलिए पुलिस भी उसके साथ सतर्कता बरत रही है।
राजस्थान के जयपुर में एक भतीजे ने अपनी ताई को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि वह उसे सत्संग में दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दे रही थी। हत्या के बाद आरोपी ने लाश के 10 टुकड़े किए और उसे बैग में भरकर जंगल में फेंक दिया, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना जयपुर के विद्याधरनगर इलाके के लालपुरिया अपार्टमेंट सेक्टर-2 की है। यहां 11 दिसंबर को अनुज ने अपनी ताई सरोज शर्मा (64) के सिर पर हथौड़े से वार कर हत्या कर दी थी। जंगल में लाश फेंकने से पहले उसने अपने बाथरूम में मार्बल कटर मशीन से शव के 10 टुकड़े किए थे।
सत्संग में जाना था दिल्ली…
पुलिस के मुताबिक, कोविड के दौरान अनुज की मां की मौत हो गई थी। इसके बाद ताई ही उसकी देखभाल करती थीं। 11 दिसंबर को उसके पिता और चचेरा भाई घर पर नहीं थे। अनुज ने अपनी ताई सरोज से दिल्ली में एक सत्संग में जाने की बात कही। ताई के मना करने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। बहसबाजी के बीच ही अनुज ने अपना आपा खो दिया और हथौड़ा उठाकर ताई के सिर पर दे मारा। ज्यादा खून बह जाने के कारण ताई की मौत हो गई।
हत्या के बाद भी रहा नॉर्मल…
पुलिस को पता चला है कि अनुज शव ठिकाने लगाने के बाद 13 दिसंबर को हरिद्वार निकल गया और वहां पतंजलि संस्थान में उसने सबसे पहले पेट दर्द का इलाज करवाया। वहीं, इसके बाद उसने गंगा स्नान कर गंगाजल लिया। अनुज ने पुलिस को बताया कि वह गंगाजल लेकर गाजियाबाद में धार्मिक संस्थान से जुड़े एक भक्त दोस्त के घर पहुंचा, जिसने उससे गंगाजल मंगवाया था। वहीं, इसके बाद वह एक दिन दोस्त के घर रूका, जहां संकीर्तन में भी शामिल हुआ। वहीं आरोपी ने बताया कि 11 दिसंबर की दोपहर संस्थान से जुड़े दो अनुयायी उसके घर आ थे जहां वह करीब 40 मिनट तक रुके और इस दौरान उसकी ताई सरोज का शव बाथरूम में पड़ा था। लेकिन अनुज के चेहरे और हावभाव में बिल्कुल भी घबराहट नहीं दिखाई दी। वह दोनों ही दोस्तों से नॉर्मल होकर मिला और उन्हें किसी भी तरह का शक नहीं हुआ।
मर्डर के बाद घर में रोया…
वहीं, पूछताछ में अनुज ने पुलिस को बताया कि वह ताई की हत्या करने के बाद घर में बैठकर खूब रोया और उसे घटना को अंजाम देने के बाद अपने भविष्य और मूवमेंट से जुड़े लोगों की चिंता होने लगी। वहीं उसे अपने परिवार की बदनामी का डर भी खाने लगा। अनुज ने बताया कि उसने काफी देर तक रोने के बाद खुद को संभाला और शव को ठिकाने लगाने की तैयारी करने लगा।