राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि वायरस एडीज मच्छरों से फैलता है और आमतौर पर हानिरहित होता है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है और भ्रूण में माइक्रोसेफली जैसै जन्म दोष पैदा कर सकता है।
विभाग ने सलाह दी कि बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सावधान रहना चाहिए कि मच्छरों द्वारा न काटा जाए। इसमें कहा गया है कि कन्नूर में थालास्सेरी जिला अदालत में जीका वायरस संक्रमण की सूचना मिली है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिला प्रशासन ने क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं की निगरानी करके और निजी अस्पतालों सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों को अलर्ट और दिशानिर्देश जारी करके निवारक कदम तेज कर दिए हैं।
इसमें कहा गया है कि पहला संक्रमण 30 अक्तूबर को सामने आया था और उसके बाद एक नवंबर को इलाके में एक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया था, जिसके दौरान 24 नमूने एकत्र किए गए थे और परीक्षण के लिए भेजे गए थे।
इसमें कहा गया है कि इसके बाद मच्छरों को ले जाने वाले जीका वायरस के स्रोत को नष्ट करने के लिए फॉगिंग और छिड़काव के साथ-साथ लार्वा सर्वेक्षण किया गया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके अतिरिक्त, एडीज लार्वा और मच्छरों को एकत्र किया गया और राज्य के कीट विज्ञान विभाग को भेजा गया। इन उपायों के अलावा, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अदालत के पास 104 घरों का दौरा किया।