उन्होंने कहा कि भाजपा नीत केंद्र सरकार आयकर छापों के जरिए पार्टी को डराने-धमकाने का दिवास्वप्न देख रही है, लेकिन द्रमुक ऐसी पार्टी नहीं है जो इस तरह की चालों से डरती हो।
उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी ने कर संबंधी इस तरह की छापेमारी के जरिए मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) को वश में कर लिया और केंद्र में सत्तारूढ़ दल द्रमुक को धमका नहीं सकता। मुख्यमंत्री का वायरल फ्लू का इलाज चल रहा है, इसलिए पार्टी के एक कार्यक्रम में उनका संबोधन उनके बेटे और तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पढ़ा।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी आयकर अधिकारियों द्वारा तमिलनाडु के लोक निर्माण मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता ईवी वेलु से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी के कुछ दिनों बाद आई है। हाल ही में द्रमुक सांसद एस जगतरक्षकन से जुड़ी संपत्तियों पर भी आयकर विभाग की तलाशी ली गई थी।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि द्रमुक (इंडिया गठबंधन के अन्य घटकों के साथ) भाजपा की जन-विरोधी विशेषता को उजागर कर रही है और यही कारण है कि भाजपा ने विपक्षी दलों को डराने के लिए कदम उठाए हैं, और यही कारण है कि आयकर छापे पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि करीब 75 साल तक द्रमुक इस तरह के हथकंडे के खिलाफ खड़ी रही और सफल भी रही।आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय के संबंध में स्टालिन ने टिप्पणी की कि केवल विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य ही उन्हें दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसी एजेंसियों के अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर भी नहीं निकलते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयकर विभाग एक के बाद एक उनकी पार्टी के नेताओं से जुड़ी संपत्तियों की तलाशी ले रहा है और मंत्री वेलु इसके ताजा निशाने पर हैं। स्टालिन ने कहा कि आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भाजपा के 'सहयोगी' हैं, जो राजनीतिक प्रतिशोध के लिए हैं।
उन्होंने कहा, 'इसलिए मैं कहता हूं कि आगामी लोकसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारी जीत बड़ी होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच संबंधों की प्रकृति के बावजूद, चाहे वे खुले हों या गोपनीय, उन्हें अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में 'अपनी जमानत राशि भी वापस नहीं मिलनी चाहिए।
द्रमुक प्रमुख ने अपने इस आरोप को दोहराया कि अन्नाद्रमुक का यह दावा कि उसने भाजपा से संबंध तोड़ लिया है, केवल एक नाटक है और इन दोनों पार्टियों का पर्दाफाश होना चाहिए। स्टालिन का संबोधन द्रमुक द्वारा तिरुवल्लूर में उत्तरी चेन्नई जोन के अपने बूथ (मतदान केंद्र) एजेंटों के लिए आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहा था।