महाविद्यालय का दावा है कि भारतीय संसद की तर्ज पर चलने वाली इस युवा संसद से विद्यार्थियों को एक नया अनुभव मिलेगा। इस संसद में तीन समिति भी बनाई गई हैं, जिनमें लोकसभा, राज्यसभा और अखिल भारतीय राजनीतिक दल सम्मेलन शामिल हैं।
आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश इस वक्त अमृत महोत्सव मना रहा है। उसी तरह हंसराज महाविद्यालय भी अपनी 75वीं वर्षगांठ में प्रवेश कर चुका है। इसके मद्देनजर हंसराज महाविद्यालय की वाद विवाद समिति 'प्रस्ताव ' 24-25 सितंबर को 'महात्मा हंसराज राष्ट्रीय युवा संसद 2021' आयोजित कर रही है। इसमें युवाओं को भारतीय संसद के महत्व को समझने और अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
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दो दिवसीय होगा यह कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, प्रस्ताव समिति ने यह पहल विद्यार्थियों को भारतीय संसद का महत्व बताने और कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए की है। इसके तहत विद्यार्थियों को वाद-विवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से परिचित होने के लिए मंच दिया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
विद्यार्थियों को मिलेगा नया अनुभव
महाविद्यालय का दावा है कि भारतीय संसद की तर्ज पर चलने वाली इस युवा संसद से विद्यार्थियों को एक नया अनुभव मिलेगा। इस संसद में तीन समिति भी बनाई गई हैं, जिनमें लोकसभा, राज्यसभा और अखिल भारतीय राजनीतिक दल सम्मेलन शामिल हैं। तीनों समितियों का एक अलग एजेंडा रहेगा, जिन पर युवा चर्चा करेंगे।
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इन मसलों पर होगी चर्चा
बताया जा रहा है कि युवा संसद की लोकसभा में भारत में धर्मनिरपेक्षता और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को लेकर चर्चा की जाएगी। वहीं, राज्यसभा में विद्यार्थी भारतीय नौकरशाही प्रणाली में संभावित सुधारों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा अखिल भारतीय राजनीतिक दल सम्मेलन में एक राष्ट्र, एक चुनाव पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, भारत की चुनावी प्रक्रिया में सुधार पर वाद-विवाद होगा।