भागवत ने कहा कि 'महिला मुक्ति' की भाषा गलत लगती है। अगर महिलाओं को वह सब करने की आजादी दी जाए जो वे करना चाहती हैं, तो हर कोई अपने आप मुक्त हो जाता है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा कि महिलाएं वह सब काम कर सकती हैं जो पुरुष कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं वह काम भी कर सकती हैं, जो पुरुष नहीं कर सकते। महिलाओं की बहु-राज्य सहकारी समिति के एक कार्यक्रम में भागवत ने 'महिला मुक्ति' शब्द के इस्तेमाल पर भी बात की।
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भागवत ने कहा कि 'महिला मुक्ति' की भाषा गलत लगती है। अगर महिलाओं को वह सब करने की आजादी दी जाए जो वे करना चाहती हैं, तो हर कोई अपने आप मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाएं सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचती हैं। उनमें मातृ प्रेम का गुण अंतर्निहित है और इसलिए वे सभी के कल्याण के बारे में सोचती हैं।
उन्होंने कहा कि हम अपने घरों से लेकर संस्थानों तक में देखते हैं कि महिलाएं सभी के कल्याण के बारे में सोचती हैं। भागवत ने कार्यक्रम में पूर्व आरएसएस प्रमुख एमएस गोलवलकर की एक तस्वीर का अनावरण भी किया। भागवत ने कार्यक्रम में गणेश पंडाल में आरती भी की और कहा कि उन्होंने सभी के कल्याण के लिए प्रार्थना की है।