पश्चिम बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दावों को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को कहा कि यह राज्य में चुनावी हार की अनदेखी करने और चुनाव परिणाम के बाद पार्टी में तेजी से बिखराव पर रोक लगाने का एक हताशापूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस तरह के बयानों के जरिए पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सभी प्रयास बेकार जाएंगे। भगवा पार्टी को राज्य में हाल के उपचुनावों और इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
जेपी नड्डा ने टीएमसी शासित पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित राजनीतिक हिंसा पर भी कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तरफ से स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम चुप नहीं बैठने वाले हैं। हम बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे और राज्य में कमल खिलेगा।'
रॉय ने इसका जवाब देते हुए कहा कि भाजपा बंगाल में हुई छिटपुट घटना और स्थानीय विवाद को चुनाव के बाद की हिंसा बता रही है और इसके लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहरा रही है। उन्होंने कहा, क्या टीएमसी की संलिप्तता अभी तक साबित हुई है? न्यायपालिका और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां कथित घटनाओं (राजनीतिक हिंसा की) की जांच कर रही हैं।