त्रिपुरा के फटिकरोय थाने में रविवार को एक विहिप समर्थक की शिकायत पर दोनों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके आधार पर इन दोनों को असम के करीमगनी जिले की पुलिस ने रविवार को उस समय हिरासत में ले लिया था, जब दोनों सिल्चर एयरपोर्ट जा रही थीं।
त्रिपुरा हिंसा के संबंध में पुलिस द्वारा असम के करीमगनी से गिरफ्तार की गई दोनों महिला पत्रकारों को सोमवार को यहां एक मजिस्ट्रेट अदालत ने जमानत दे दी। दोनों पत्रकारों को गोमती जिला चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शुभ्रा नाथ के समक्ष पेश किया गया। उन्होंने उन्हें 7500 रुपये के बांड पर जमानत दे दी। राज्य छोड़ने से पहले उन्हें जिले के काकराबोन पुलिस थाने में मंगलवार को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कहा गया है।
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इससे पूर्व, उनकी जमानत याचिका पर बहस करते हुए अधिवक्ता पिजुश बिस्वास ने जोर देकर कहा कि उनकी मुवक्किलों के खिलाफ पुलिस ने जो आरोप लगाए हैं, उनका कोई प्रमाण नहीं है। दोनों के खिलाफ पुलिस ने पूरी तरह निराधार आरोप लगाए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला गलत नीयत से दर्ज किया है। उन्होंने साथ ही कहा कि उनकी मुवक्किल इस मामले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय जाएंगी।
गौरतलब है कि त्रिपुरा के फटिकरोय थाने में रविवार को एक विहिप समर्थक की शिकायत पर दोनों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके आधार पर इन दोनों को असम के करीमगनी जिले की पुलिस ने रविवार को उस समय हिरासत में ले लिया था, जब दोनों सिल्चर एयरपोर्ट जा रही थीं। इन्हें वहां सरकार की ओर से चलाए जा रहे एक शेल्टर होम में रखा गया था। सोमवार सुबह त्रिपुरा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर सीजेएम की कोर्ट में पेश किया।