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केरल: उधार में लिया लॉटरी टिकट, छह करोड़ का जैकपॉट निकला, जानें किसे मिला यह इनाम

Thu, 25 Mar 2021 10:51 AM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

  • दो सौ रुपये थी लॉटरी टिकट की कीमत
  • रुपये न होने पर टिकट का भुगतान बाद में करने को कहा
  • निकल गई छह करोड़ की लॉटरी
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लॉटरी एजेंट समिझा के. मोहन और लॉटरी विजेता पी के चंद्रन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केरल में एक शख्स ने महिला एजेंट से लॉटरी का टिकट खरीदा। इस टिकट की कीमत 200 रुपये थी। उस शख्स के पास पैसे नहीं थे तो उसने कहा कि बाद में चुका देगा। यहां तक कि वह लॉटरी का टिकट लेकर भी नहीं गया और उसी टिकट पर छह करोड़ का जैकपॉट लग गया। ऐसे में उस महिला एजेंट ने क्या किया? क्या उसने छह करोड़ का जैकपॉट लगने की जानकारी उस शख्स को दी? उस टिकट का इनाम आखिरकार किसे मिला? अगर आप इन सब सवालों का जवाब जानना चाहते हैं तो पूरी रिपोर्ट पढ़ लीजिए।

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यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, केरल अलुवा में पीके चंद्रन रहते हैं। वह महिला एजेंट समिझा के मोहन से अक्सर लॉटरी खरीदते रहते हैं। पट्टिमोटम में रहने वाली समिझा राजगिरी अस्पताल के पास लॉटरी टिकट स्टॉल चलाती हैं। कुछ दिन पहले चंद्रन ने समिझा से अपने लिए समर बंपर लॉटरी का एक टिकट रखने के लिए कहा। इस टिकट की कीमत दो सौ रुपये थी, लेकिन उस वक्त पीके चंद्रन के पास पैसे नहीं थे। ऐसे में उन्होंने रुपये बाद में देने के लिए कह दिया। साथ ही, टिकट भी समिझा के पास ही छोड़ दिया।
 

इस वजह से खरीदा था टिकट

बताया जा रहा है कि समिझा ने रविवार (21 मार्च) को अपने कुछ लॉटरी कस्टमर्स को फोन किया। उन्होंने कहा कि 12 टिकट अभी बिके नहीं हैं। अगर वे लेना चाहें तो ले सकते हैं। ऐसे में चंद्रन ने समिझा से कहा कि वह एसडी 31642 नंबर वाला टिकट उनके लिए रोक दें, जिसके लिए 200 रुपये वह बाद में दे देंगे।

उधार वाले टिकट पर लगा जैकपॉट
बता दें कि चंद्रन ने जो टिकट उधार लिया, उस पर छह करोड़ रुपये का जैकपॉट लग गया। समिझा को रविवार शाम ही पता लग गया कि उनके पास मौजूद एक टिकट पर पहला इनाम निकला है। समिझा ने देखा कि यह टिकट चंद्रन ने रुकवाया था। ऐसे में वह तत्काल उनके घर गईं और 200 रुपये लेकर टिकट उनके हवाले कर दिया।
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पहली बार लगा जैकपॉट

चंद्रन, उनकी पत्नी लीला, दोनों बेटियां और बेटा समिझा की ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं। बता दें कि चंद्रन कीझमाडु डॉन बॉस्को स्कूल में माली हैं। चंद्रन के मुताबिक, वह कई साल से लॉटरी टिकट खरीद रहे थे। कुछ छोटे पुरस्कार निकले, लेकिन इतना बड़ा जैकपॉट पहली बार मिला। 

समिझा ने कही यह बात
समिझा ने बताया कि लॉटरी का टिकट मैंने उसके विजेता के हवाले कर दिया, क्योंकि वह टिकट बिक चुका था। उन्होंने बताया कि मेरे पास काफी लोग कॉल कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर कॉल्स में लोग इसे ईमानदारी की मिसाल बता रहे हैं।
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