तेलंगाना सरकार ने कालेश्वरम सिंचाई परियोजना, बिजली परियोजनाओं में 'अनियमितताओं' की न्यायिक जांच का एलान किया है। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और पूर्व लोकपाल न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष जांच का नेतृत्व करेंगे।
तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एलान किया है कि पूर्ववर्ती भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार के दौरान कालेश्वरम सिंचाई परियोजना और बिजली परियोजना में कथित अनियमितताओं की न्यायिक जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और पूर्व लोकपाल जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष जांच का नेतृत्व करेंगे। सीएम रेड्डी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इसका फैसला लिया गया।
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न्यायिक जांच के तेलंगाना सरकार के फैसले की जानकारी सूचना और जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने दी। उन्होंने कहा कि 100 दिनों के भीतर जांच पूरी होगी। श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि भद्राद्री और यदाद्री बिजली परियोजनाओं के संबंध में कथित अनियमितताओं की जांच का नेतृत्व सेवानिवृत्त न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी करेंगे।
जांच के दायरे में बीआरएस शासन के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार से बिजली खरीद को भी शामिल किया जाएगा। इस जांच की अवधि भी 100 दिन होगी। जांच के अलावा कैबिनेट ने सैद्धांतिक रूप से ओबीसी, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बीच विभिन्न सामाजिक समूहों के कल्याण के लिए 16 निगम स्थापित करने का निर्णय लिया।