योगी से खुश तो मोदी की आलोचना करते हैं स्वामी
स्वामी यति महाराज का मानना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सही तरीके से शासन चला रहे हैं और हिंदुत्व के मुद्दों को उचित तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि केंद्र सरकार सही तरीके से काम नहीं कर रही है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार पिछली सरकारों की तरह वर्ग विशेष के प्रति विशेष प्रेम दिखाने के ‘रोग’ से ग्रस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारें मुसलमानों का तुष्टिकरण करती थीं तो वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार मुसलमानों का सशक्तीकरण कर रही है।
कलाम पर भी लगाया था आरोप
स्वामी यति महाराज इसके पहले भी कई मामलों में विवादों के केंद्र में रह चुके हैं। उन्होंने देश के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। कुछ दिन पूर्व डासना के मंदिर में एक अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे की पिटाई के बाद उनके बयान के कारण भी विवाद हो गया था। उनका आरोप था कि मंदिर के बाहर ही पीने के नल लगाये गये हैं, लेकिन कुछ शरारती तत्व जानबूझकर पानी पीने के बहाने मंदिर परिसर के अंदर आ जाते हैं और अंदर आकर गलत हरकतें करते हैं।
कई आपराधिक मामले भी दर्ज
डासना के एक मंदिर के पुजारी स्वामी यति नरसिम्हानंद पर कई आपराधिक मामलों में जांच भी चल रही है। उन पर हज हाउस के निर्माण में बाधा डालने से लेकर एक व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने तक का आरोप है। स्याना इलाके में हुई एक हिंसा के मामले में भी उन्हें 11 अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है। इस मामले में उन पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किये गये हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
अमान्तुल्लाह खान पर भी केस दर्ज
स्वामी यति के बयान के बाद आम आदमी पार्टी के वर्तमान विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अमानतुलाह खान ने उनके ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इसे लेकर भी सोशल मीडिया में बवाल हो गया था और लोग आप विधायक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे। पुलिस ने अमान्तुलाह खान पर भी केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, आप विधायक ने बाद में दिल्ली पुलिस से इस मामले में कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग भी की थी।