पिछले साल कोरोना की पहली लहर में अप्रैल-मई की प्रचंड गर्मी के दौरान महाराष्ट्र व गुजरात से हजारों प्रवासी श्रमिक अपने-अपने राज्यों को पैदल लौटे थे, क्योंकि ट्रेनें व बसें बंद कर दी गई थीं। प्रचंड गर्मी में बच्चों व सामान सहित पैदल चलते हुए और हादसों के कारण कई लोगों ने रास्ते में ही प्राण त्याग दिए थे।
पटरी पर सो रहे श्रमिकों को मालगाड़ी ने रौंद दिया था
पिछले साल 8 मई को महाराष्ट्र के औरंगाबाद-जालना रेल खंड में पैदल घर लौट रहे थके-मांदे श्रमिक रेल की पटरी पर ही सो गए थे। उन्हें इतनी गहरी नींद लगी कि मालगाड़ी उन्हें कुचलते हुए निकल गई थी। हादसे में 16 श्रमिकों की मौत हो गई थी।
मुंबई में सोमवार रात 8 बजे से 30 अप्रैल तक धारा 144 के तहत कई पाबंदियां लगा दी गई हैं। उप पुलिस आयुक्त एस. चैतन्य ने इस बारे में विस्तृत आदेश जारी किया है। मुंबई में ये पाबंदियां रहेंगी-
- सप्ताह के सातों दिन सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक पांच से ज्यादा लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने या घूमने पर रोक
- शुक्रवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह तक किसी को भी अकारण घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं
- सप्ताह के दिनों में शॉपिंग मॉल, बार, रेस्तरां, छोटी दुकानें केवल सामान पैक करा कर ले जाने के लिए और पार्सल के लिए खुली रहेंगी
- विशेष अनुमति व आपात स्थिति में संबंधित व्यक्तियों को छूट दी जा सकेगी। यह अनुमति या पास क्षेत्रीय पुलिस उपायुक्त जारी करेंगे।
उद्धव सरकार ने पूरे महाराष्ट्र में सप्ताहांत में लॉकडाउन का निर्णय लिया है। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद रविवार को यह निर्णय लिया गया। इसके बाद मंत्री नवाब मलिक ने बताया कि सप्ताहांत के लॉकडाउन के अलावा सोमवार रात आठ बजे से कड़ी पाबंदियां लगाने का निर्णय हुआ। रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहेगा और सप्ताह के सभी दिनों में दिन के वक्त धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी।