सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ़ है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ़ है। हालांकि जो अपनी मर्जी से ऐसा कर रहें हैं उन्हें रोका नहीं जाना चाहिए।
विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा - अगर कोई भी इंसान जबरन धर्मांतरण के मामले से जुड़ा हुआ है तो हमारी पार्टी उसका विरोध करती है। धर्म परिवर्तन कभी भी जबरदस्ती नहीं होना चाहिए। मह इसका विरोध करते हैं। हालांकि, उन्होने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तित करना चाह रहा है तो उसे कोई भी नहीं रोक सकता और उसे रोकना भी नहीं चाहिए।
सीएम और गृहमंत्री ने कही थी कानून लाने की बात
बता दें कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री वसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा था कि उनकी सरकार राज्य में जबरन या प्रलोभन देकर धर्मांतरण के खिलाफ़ कानून लाने पर विचार कर रही है। राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने भी बीते हफ्ते सदन में कहा था कि सरकार राज्य में धर्मांतरण को रोकने के लिए कानून लाने पर विचार कर रही है।
होसदुर्गा से भाजपा के विधायक गुलिहटी शेखर ने बताया कि उनकी खुद की मां ने प्रलोभन में आकर ईसाई धर्म अपना लिया है। भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश पहले ही जबरन धर्मांतरण के खिलाफ़ कानून ला चुके हैं।