इस ऐप का इस्तेमाल दिल्ली पुलिस द्वारा किया जा रहा है। शीर्ष कोर्ट ने इसका विशेषज्ञों से परीक्षण कराने को कहा है।शीर्ष कोर्ट ने यह निर्देश उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें वह इस बात की जांच करने के लिए सहमत हुई कि क्या किसी अपराध स्थल की वीडियोग्राफी को अनिवार्य किया जा सकता है और इसे अदालत में मान्य सबूत कैसे बनाया जा सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन सब नई तकनीकों का जांच में इस्तेमाल करते समय यह अवश्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अपराध स्थल की वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी को ऐप के जरिए अपलोड करते समय वह पूरी तरह से गड़बड़ी व छेड़छाड़ से मुक्त रहे।