राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान पर ओवैसी के पलटवार के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर शनिवार को निशाना साधते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि ओवैसी 'गुमराह' हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जो आरएसएस और गांधी की देशभक्ति के बीच अंतर करता है, वह भारतीय या सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता।
इससे पहले शुक्रवार को विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 96वें स्थापना दिवस पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। उनके भाषण पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने निशाना साधते हुए कहा था कि भागवत का भाषण झूठ और अर्धसत्य से भरा था।
ओवैसी ने कहा था कि समाज को गांधी की देशभक्ति और आरएसएस के धोखे में से किसी एक को चुनना होगा। ओवैसी ने शुक्रवार रात को कई ट्वीट किए, जिसमें उन्होंने मोहन भागवत की जनसंख्या नीति, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और अन्य टिप्पणियों पर आलोचना की।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए, आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि आरएसएस और गांधी की देशभक्ति दुनिया में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि 'जो आरएसएस और गांधी की देशभक्ति में अंतर करता है, वह भारतीय या सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। वह निश्चित रूप से एक गुमराह व्यक्ति है। ओवैसी के बयान से पता चलता है कि वह गुमराह हो गए हैं।'
इंद्रेश कुमार ने ओवैसी को भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए उनपर देश को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 'ओवैसी भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा हैं जो राष्ट्र को विघटित करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कभी भी राष्ट्र को एकीकृत करने की कोशिश नहीं की और न ही करेंगे। उनके बयानों से पता चलता है कि वह राष्ट्र के खिलाफ और दुश्मन के लिए खड़े हैं।'
देश की बढ़ती जनसंख्या के प्रति आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि 'जनसंख्या में अनियंत्रित वृद्धि भारत को निरक्षरता और बेरोजगारी की ओर ले जा सकती है।'