नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ धरना-प्रदर्शनों को संयोग नहीं बल्कि प्रयोग बताने वाले पीएम नरेंद्र मोदी के बयान का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी समर्थन किया है। संघ का मानना है कि कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन एक सोची समझी साजिश के तहत किए जा रहे हैं।
संघ के एक शीर्ष नेता ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि सीएए विरोध हिंसा की साजिश पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने रची थी।
शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शनों के सवाल पर संघ पदाधिकारी ने कहा कि हमारा मानना है कि सीएए विरोधी प्रदर्शन और हिंसा के पीछे पीएफआई और आईसा का हाथ है। वोट बैंक की राजनीति के कारण कांग्रेस ने इन संगठनों के आगे पूरी तरह समर्पण कर दिया है।
उन्होंने कहा कि ये अपने मुखौटा संगठनों के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के सामाजिक समूहों के साथ जुड़ने से इनकार के चलते ही पीएफआई और आईसा सीएए विरोधी प्रदर्शनों को अपने नियंत्रण में लेने में सफल रहे।
बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने एक रैली में शाहीन बाद धरना प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा था कि इस तरह के प्रदर्शन महज संयोग नहीं बल्कि प्रयोग हैं।