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कोलकाता फिर शर्मसार: न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरीं महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार; एक शख्स को पीटा भी गया

Thu, 05 Sep 2024 11:27 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने को लेकर कोलकाता के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। वहीं, उत्तर बंगाल के माथाभांगा शहर में एक प्रदर्शनकारी पर हमला करने का मामला सामने आया। 
 
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कोलकाता में विरोध प्रदर्शन करतीं महिलाएं - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के विरोध में देशभर नाराजगी है। वहीं राज्य में हंगामा जारी है। तनाव भरे हालात बने हुए है। इन सबके बीच यहां हजारों महिलाओं ने 'रिक्लेम द नाइट' अभियान के दूसरे चरण के तहत आधी रात को मार्च निकाला। यह लोग पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। 
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14 अगस्त के बाद बुधवार रात को चलाए गए इस दूसरे अभियान के दौरान छिटपुट घटनाएं देखने को मिलीं। प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने को लेकर कोलकाता के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। वहीं, उत्तर बंगाल के माथाभांगा शहर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर एक प्रदर्शनकारी पर हमला करने का मामला सामने आया। 

सोशल मीडिया पर आंदोलन की बात
रिक्लेम द नाइट आंदोलन सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहें हैं। विरोध-प्रदर्शन रात साढ़े 11 बजे शुरू हुआ। रैली के नारों से छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक गूंज रहा था। लोगों का कहना था कि हम न्याय चाहते हैं। हालांकि, इस अभियान से राजनीति दलों से जुड़े झंडे गायब दिखे। वहीं, प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय झंडे को ऊपर रखते हुए देखा गया था। इससे साफ था कि सब न्याय की लड़ाई के लिए एकजुट थे। 
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कोलकाता और उसके आसपास अलग-अलग स्थानों पर सभी क्षेत्रों की महिलाओं (अभिनेताओं, छात्रों, पेशेवरों और गृहणियों) ने पोस्टर और मोमबत्तियां लेकर एक साथ मार्च किया। उनकी आवाजें एक महिला डॉक्टर के साथ भयावह घटना के विरोध में उठ रही थीं।  

इन जगहों पर किया गया विरोध-प्रदर्शन
शहर के सियालदह स्टेशन से निकाले गए मार्च में फुटपाथ पर रहने वाले लोग शामिल हुए, जिसमें कुछ महिलाओं ने शंख बजाया। इसके अलावा, आंदोलन बरहामपुर, चिनसुराह, शांतिनिकेतन, कृष्णानगर, बर्धमान, सिलीगुड़ी, बारासात, बैरकपुर, राजारहाट-न्यूटाउन, कूच बिहार, माथाभांगा और जलपाईगुड़ी सहित विभिन्न जिला कस्बों के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी चलाया गया। 

हालांकि, आंदोलन में कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं। इसमें एक पुरुष प्रदर्शनकारी पर हमला किया गया, जबकि दो अन्य ने अलग-अलग स्थानों पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। 

पुलिसकर्मी ने नशे की हालत में पकड़ा 
कोलकाता के जादवपुर में 8बी बस स्टैंड के पास जब न्याय मांगने के लिए बड़ी संख्या में लोग एक साथ जमा हुए थे, तभी एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया। पुलिस ने इस आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। कथित तौर पर नशे की हालत में अज्ञात व्यक्ति को पुलिसकर्मी थाने ले गए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित महिला ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी और अभिनेत्री सोहिनी सरकार के साथ साथ बिदिप्त चक्रवर्ती, सुदिप्त चक्रवर्ती और बिरशा दासगुप्ता भी पुलिस थाने गईं और महिला का समर्थन किया।



महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप
दक्षिणी कोलकाता के गरिया में एक अन्य रैली में पुलिस ने एक युवक को महिलाओं के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में हिरासत में लिया। नशे में धुत युवक को अधिकारियों को सौंपने से पहले अन्य प्रदर्शनकारियों ने उसकी पिटाई भी की।

माकपा के लोगों पर किया गया हमला
कूचबिहार जिले के माथाभांगा शहर में एक प्रदर्शनकारी पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्यों द्वारा हमला किया गया। माकपा के शाखा सचिव और माथाभांगा नगर पालिका के कर्मचारी प्रद्युत साहा पर कथित तौर पर एक प्रदर्शन के दौरान हमला किया गया। माकपा ने घटना के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। टीएमसी ने हमले में पार्टी के किसी भी सदस्य की संलिप्तता से इनकार किया है।

अभिनेत्री सेनगुप्ता का हुआ विरोध
कोलकाता में एक अन्य घटना में, अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता को श्यामबाजार में प्रदर्शनकारियों के एक समूह से विरोध का सामना करना पड़ा। जब उन्होंने भीड़ से बात करने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वापस जाओ। स्थिति बिगड़ने पर सेनगुप्ता वापस चली गईं। 
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