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Ratan Tata: कुत्ते की देखभाल के लिए किंग चार्ल्स को कर दिया था नजरअंदाज, काफी कहने पर भी अवॉर्ड लेने नहीं गए

Thu, 10 Oct 2024 08:41 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

रतन टाटा को जानवरों और खासकर कुत्तों के प्रति गहरे लगाव के लिए काफी जाना जाता था। उन्होंने गोवा नाम के एक बेसहारा कुत्ते को भी गोद लिया था। वह अक्सर बचाए गए कुत्तों के लिए इंस्टाग्राम पर परिवार ढूंढा करते थे।
 
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अपने कुत्ते के साथ रतन टाटा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश के जाने-माने उद्योगपति और टाटा संस के आजीवन चेयरमैन एमिरेट्स रतन टाटा नहीं रहे।  भारत के रतन कहे जाने वाले दिग्गज उद्योगपति अरबपतियों में शामिल होने के बावजूद अपनी सादगी से हर किसी का दिल जीत लेते थे। वह अपनी कारोबारी उपलब्धियों के साथ-साथ अपने विनम्र स्वभाव और परोपकारी कार्यों के भी लिए जाने जाते थे। उनके चले जाने के बाद उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से पीछे रह गए। ऐसा ही एक किस्सा उनके कुत्ते से जुड़ा हुआ है।

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कुत्तों के प्रति था खास लगाव
दरअसल, रतन टाटा को जानवरों और खासकर कुत्तों के प्रति गहरे लगाव के लिए काफी जाना जाता था। उन्होंने गोवा नाम के एक बेसहारा कुत्ते को भी गोद लिया था। वह अक्सर बचाए गए कुत्तों के लिए इंस्टाग्राम पर परिवार ढूंढा करते थे। उनके जीवन में एक ऐसा वाकया भी आया, जब वह अपने बीमार कुत्ते की देखभाल के कारण ब्रिटेन के तत्कालीन प्रिंस चार्ल्स से नहीं मिल पाए थे। 

साल 2018 का किस्सा
बात है छह फरवरी 2018 की। ब्रिटेन के शाही राजमहल बकिंघम पैलेस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में ब्रिटेन के शाही राजकुमार प्रिंस चार्ल्स (अब किंग चार्ल्स III) भारतीय उद्योगपति रतन टाटा को उनके परोपकारी कार्यों के लिए एक लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड देना चाहते थे। हालांकि, रतन टाटा कार्यक्रम में नहीं जा सके थे और लोगों को यह सुनकर हैरानी हो सकती है इसके पीछे वजह उनका कुत्ता था। 
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भारतीय उद्योगपति सुहेल सेठ ने कुछ समय पहले दिल छू लेने वाला किस्सा बताया था। उन्होंने रतन टाटा की उनके उसूलों के लिए काफी तारीफ और सराहना की थी। सुहेल ने बताया था कि आखिर क्यों रतन टाटा इतने बड़े कार्यक्रम में नहीं गए थे। उन्होंने बताया था कि सब कुछ तय था। पुरस्कार समारोह ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के साथ मिलकर आयोजित किया गया था।

11 मिसकॉल और...
सुहेल ने बताया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह दो या तीन फरवरी को लंदन पहुंचे थे। वह जब लंदन एयरपोर्ट पर उतरे, तो यह देखकर हैरान थे कि उनके फोन पर रतन टाटा की 11 मिसकॉल पड़ी थी। वह इतने मिसकॉल देखकर थोड़े हैरान हुए और उन्होंने एयरपोर्ट पर अपना बैग पिक करने के बाद तुरंत उन्हें वापस फोन मिलाया।

उन्होंने रतन टाटा की बात को याद करते हुए बताया, 'उनके कुत्तों- टैंगों और टिटो में से एक काफी बीमार पड़ गया था। मुझे सही से तो नहीं याद है कि उन्होंने दोनों में से किसका नाम लिया था, लेकिन कोई एक गंभीर बीमार था। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं इसे बीमार हालत में छोड़ कर वहां नहीं आ सकता हूं। मुझे यह बात सुनकर बहुत हैरानी हुई। मैंने प्रिंस चार्ल्स के नाम का हवाला देते हुए उन्हें काफी मनाने की कोशिश की, लेकिन वह आने के लिए नहीं माने। टाटा अपना अवॉर्ड लेने उस कार्यक्रम में नहीं आए।' 

क्या बोले थे चार्ल्स?
सुहेल सेठ ने प्रिंस चार्ल्स के बारे में बताया कि उन्होंने जब रतन टाटा के कार्यक्रम में नहीं आने के पीछे का कारण सुना तो उन्होंने क्या कहा। प्रिंस चार्ल्स ने उनसे कहा, 'इंसान ऐसा होना चाहिए। रतन टाटा कमाल के इंसान है। यही कारण है कि टाटा हाउस आज इस स्थिति में है।'


 
टाटा का पंसदीदा कुत्ता 'गोवा'
'गोवा' रतन टाटा का पसंदीदा कुत्ता था जो अक्सर उनके साथ बैठकों में जाता था। रतन टाटा ने एक बार कुत्ते के नाम के पीछे दिलचस्प कहानी साझा की थी। उन्होंने बताया था, 'वह एक बेसहारा पिल्ला था जब वह गोवा में मेरे सहयोगी की कार में चढ़ा और बॉम्बे हाउस तक आया। मैंने इसलिए ही उसका नाम गोवा रखा।'

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