योध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद पहली बार रामनवमी का पर्व 17 अप्रैल को मनाया जा रहा है। 22 जनवरी को रामलला के नए मंदिर में विराजमान होने के बाद से ही अयोध्या में राम भक्तों की भीड़ लगी हुई है। हजारों की संख्या में भक्त रोज श्री राम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। रामनवमी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। रामनवमी पर अयोध्या आने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने भी कमर कस ली है। ट्रेनों और यात्रियों को मैनेज करने के लिए प्लान बनाया है। रेलवे उम्मीद है कि 16, 17 और 18 अप्रैल को सवा लाख से ज्यादा लोग अयोध्या पहुंच सकते हैं।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रामनवमी के मौके पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी रहने की उम्मीद है। 16 और 17 अप्रैल के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहने का अनुमान है। यात्रियों को मैनेज करने के लिए उत्तर रेलवे पूरी तैयारियों के साथ जुटा हुआ है। पहले अयोध्या में चार हजार यात्री प्रतिदिन आते थे। अब 18 हजार यात्री प्रतिदिन अयोध्या दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन रामनवमी के चलते 16, 17 और 18 अप्रैल को यात्रियों की संख्या प्रतिदिन 35 से 40 हजार रहने की उम्मीद है।
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि जनवरी 2024 में जब राम मंदिर का उद्घाटन हुआ था। इसके बाद से ही रेलवे ने करीब 200 से ज्यादा आस्था स्पेशल ट्रेनें देशभर के राज्यों से शुरू की हैं। अपनी बारी के मुताबिक हर राज्यों के एक या दो शहरों से ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए रेलवे ने अयोध्या के लिए स्पेशल ट्रेन शुरू कर दी है।
डीआरएम उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल सचिंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि रामनवमी पर एक दिन में कम से कम 35 से 40000 यात्रियों का अतिरिक्त दबाव रेलवे पर पड़ेगा, जिसे लेकर व्यवस्था की जा रही है। कोशिश की जा रही है कि बैक टू बैक ट्रेनें चलाई जा सकें, ताकि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। रेलवे ने रामनवमी पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए लखनऊ से अयोध्या जाने वाली ट्रेनों की व्यवस्था करने का प्लान भी बना लिया है। इसके अलावा अयोध्या रूट पर 130 की रफ्तार से ट्रेन चल सकें, इसकी भी तैयारी की जा रही है। इससे लगभग अयोध्या पहुंचने में श्रद्धालुओं का आधा घंटा बचेगा और सफर कम समय में तय हो जाएगा।
रेलवे स्टेशन पर पांच-छह घंटे पहले आने वाले यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया भी बनाया गया है, ताकि यात्रियों को कोई दिक्कत नहीं हो। यहां पर टॉयलेट और पानी की व्यवस्था की गई है। ताकि प्लेटफार्म पर भीड़ न हो। आरपीएफ के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। टिकट काउंटर के साथ में मशीनों की संख्या बढ़ाई गई है। वाराणसी से लखनऊ तक मेमो ट्रेन चलाई गई है, ताकि लोगों को परेशानी का समाना नहीं करना पड़े। इससे लोकल सवारियां अलग-अलग स्टेशनों पर कवर हो रही हैं। इसके अलावा यात्रियों की मदद के लिए कॉल सेंटर भी बनाए गए हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर दो श्रेणियों में बंटे स्टेशन
रामनवमी मेले में आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर जीआरपी ने विभिन्न स्टेशनों को दो श्रेणियों में विभाजित किया है। अयोध्या धाम जंक्शन और रामघाट हाल्ट तथा अयोध्या कैंट जंक्शन को एक श्रेणी में लिया गया है और यहां कई बिंदुओं पर फोर्स की तैनाती की गई है तथा जांच-तलाशी के लिए दस्तों को लगाया है।
वैसे तो यात्रियों की भीड़ इन्हीं स्टेशनों पर आती है, लेकिन ज्यादा भीड़ होने पर भीड़ नियंत्रण के लिए डाइवर्जन के तहत रेलवे ने अन्य रेलवे स्टेशनों को आरक्षित किया है। आपात स्थिति के लिए सिटी स्टेशन के रूप में विकसित हो रहे दर्शननगर, पुराने सिटी स्टेशन आचार्य नरेंद्रदेव नगर व माल गोदाम के रूप में विकसित सलारपुर रेलवे स्टेशन पर भी पुलिस बल की ड्यूटी लगाई है।