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IPL 2024: हार्दिक पांड्या के सौतेले भाई वैभव की बढ़ी मुश्किलें, अदालत ने बढ़ाई पुलिस रिमांड

Tue, 16 Apr 2024 07:00 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

वैभव को रिमांड पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया जहां मुंबई पुलिस की इकॉनोमिक ऑफेंस विंग ने आगे की जांच के लिए वैभव की रिमांड बढ़ाने की अपील की।
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हार्दिक और वैभव पांड्या - फोटो : IPL/Instagram
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विस्तार
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भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक और क्रुणाल पांड्या के सौतेले भाई वैभव पांड्या की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं और धोखाधड़ी के आरोप में अदालत ने मंगलवार को उनकी पुलिस रिमांड 19 अप्रैल तक बढ़ा दी है। वैभव पर पार्टनरशिप फॉर्म के जरिये हार्दिक और क्रुणाल के साथ 4.3 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा है और उन्हें इस मामले में मुंबई पुलिस की इकॉनोमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने आठ अप्रैल को गिरफ्तार किया था।
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वैभव के वकील ने नहीं जताई आपत्ति
वैभव को रिमांड पूरी होने के बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया जहां मुंबई पुलिस की इकॉनोमिक ऑफेंस विंग ने आगे की जांच के लिए वैभव की रिमांड बढ़ाने की अपील की। वैभव के वकील निरंजन मुंडार्गी ने ईओडब्ल्यू की मांग पर आपत्ति नहीं जताई जिसके बाद कोर्ट ने शुक्रवार तक वैभव की रिमांड बढ़ाने का आदेश दिया। 

वैभव ने मामले को बताया था पारिवारिक
हार्दिक और क्रुणाल के भाई वैभव को पिछली बार जब कोर्ट में पेश किया गया था तब उसने इस मामले को पारिवारिक बताया था। वैभव ने अपने वकील के द्वारा कोर्ट को बताया था कि यह पूरा मामला पारिवारिक है और यह बस गलतफहमी के कारण हुआ है। 
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वैभव की क्यों हुई गिरफ्तारी?
वैभव पर हार्दिक और क्रुणाल ने धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया था जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। हार्दिक, क्रुणाल और वैभव ने तीन साल पहले संयुक्त रूप से पॉलिमर बिजनेस की शुरुआत की थी। इसमें हार्दिक और क्रुणाल की 40-40 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, जबकि उनके सौतेले भाई वैभव 20 प्रतिशत के हिस्सेदार थे और बिजनेस का दैनिक कामकाज संभालने का जिम्मा भी उन पर ही था। पार्टनरशिप के करार के अनुसार, इसी के तहत तीनों के बीच लाभ का बंटवारा होना तय हुआ था। लेकिन आरोप यह है कि वैभव ने हार्दिक और क्रुणाल को बताए बिना ही ऐसा ही एक और बिजनेस शुरू किया जो पार्टनरशिप करार का उल्लंघन है। इसका नतीजा यह हुआ कि इन तीनों के बीच ऑरिजिनल बिजनेस के मुनाफे में गिरावट आई जिसके कारण इन्हें करीब तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। वैभव पर यह भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने चुपके से अपने मुनाफे की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 33.3 फीसदी कर दी थी जिससे हार्दिक और क्रुणाल पर वित्तीय प्रभाव पड़ा।
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