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गहलोत बोले: कोरोना के कुप्रबंधन के चलते गुजरात में हुआ नेतृत्व परिवर्तन, प्रधानमंत्री दिखाएं '56 इंच का सीना'

Thu, 25 Nov 2021 07:27 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत

सार

कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे अहमद पटेल की पहली पुण्यतिथि पर गुजरात पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में बीते दिनों हुए नेतृत्व परिवर्तन के पीछे की वजह कोरोना महामारी के प्रबंधन में विफलता थी। इसके साथ ही अन्य मुद्दों को लेकर भी उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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गुजरात में बीते दिनों हुए नेतृत्व को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने निपटने में विफलता की वजह से विजय रुपाणी की अगुवाई वाली सरकार को सत्ता से बाहर किया गया था। बता दें कि रुपाणी मंत्रिमंडल ने सितंबर में इस्तीफा दिया था और भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनाते हुए नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई गई थी। गहलोत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे अहमद पटेल की पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए सूरत में थे।

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उन्होंने कहा, 'हाल ही में पूरे गुजरात मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया था। यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह लोगों से डरे हुए हैं, क्योंकि यहां कोरोना से निपटने में कुप्रबंधन हुआ।' उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता को अभी भी यह अच्छी तरह से याद है कि अहमदाबाद में किस तरह कोरोना संक्रमित कुछ मरीजों का एंबुलेंसों में इलाज किया गया था (अस्पतालों में जगह की कमी की वजह से)। उन्होंने कहा, वैश्विक महामारी के दौरान इस तरह के कुप्रबंधन की वजह से पूरे मंत्रिमंडल को इस्तीफा देना पड़ा। 

अगले साल विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने लिया फैसला
उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह फैसला अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए लिया है। लेकिन जनता इस बात को कभी नहीं भूल सकती कि भाजपा की सरकार ने इस जानलेवा कोरोना वायरस महामारी के दौरान क्या किया। इसके साथ ही गहलोत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस मांग का भी समर्थन किया कि जिन लोगों की मौत कोविड-19 महामारी के चलते हुई है उनके परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित 50 हजार रुपये के स्थान पर चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
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'अपना 56 इंच का सीना दिखाएं प्रधानमंत्री मोदी, यही सही समय है'
गहलोत ने कहा, 'राहुल गांधी आज जो मांग कर रहे हैं उसकी घोषणा केंद्र ने पहले की थी... लेकिन भाजपा सरकार ने अपना चार लाख रुपये के मुआवजे वाले निर्णय की घोषणा को वापस ले लिया।' उन्होंने कहा कि सरकार को बड़े दिल वाला होना चाहिए और अपना '56 इंच का सीना' दिखाने का प्रधानमंत्री मोदी के लिए यह सही समय है। इसके साथ ही गहलोत ने कोरोना महामारी की वजह से देश में हुईं मौतों की असल संख्या जानने के लिए राष्ट्रीय सैंपल सर्वे कार्यालय के जरिए एक देशव्यापी सर्वेक्षण करवाने की मांग भी उठाई।

किसान आंदोलन पर मोदी सरकार को घेरा
उन्होंने कहा कि एक साल तक कोई आंदोलन नहीं चलता। लोकतंत्र में, सरकार को या तो दूसरे पक्ष को समझाना पड़ता है या खुद को समझाना पड़ता है। मामला इतना बढ़ गया कि पीएम ने देश और किसानों से माफी मांगी। वे अभी भी गुस्से में हैं, मुझे लगता है कि कृषि मंत्री और उनके सहयोगियों को उनसे बात करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कई किसानों की मौत से किसान दुखी हैं। बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाना सरकार का कर्तव्य है। मुझे लगता है कि वे समाधान खोजने के लिए आगे आएंगे। लोकतंत्र में अहंकार काम नहीं करता, आपको झुककर जनता को समझाने की जरूरत है।

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