आप डेंटिस्ट हो तो आपने दांत खट्टे करने का विकल्प क्यों चुना: पीएम
पंजाब के गुरदासपुर की रहने वाली डॉ. नवजोत सिम्मी ने डेंटल में पढ़ाई की है। उन्हें आईपीएस में बिहार कैडर अलॉट हुआ है। पीएम ने पूछा, आप तो डेंटिस्ट हैं, इसके बावजूद आपने दुश्मनों के दांत खट्ट करने का विकल्प क्यों चुना। डॉ. नवजोत ने कहा, मैं बड़े प्लैटफॉर्म पर योगदान देना चाहती हूं। पीएम ने उन्हें सलाह दी कि आप बेटियों की नई पीढ़ी को प्रेरित करें। उन्हें आगे बढ़ने का सुझाव दें। नवजोत ने पीएम को बताया, मैंने निश्चय किया है कि फील्ड में तैनाती के दौरान महिलाओं की शिक्षा के लिए कुछ करना है। प्रधानमंत्री ने कहा, पुलिसिंग सिस्टम में महिलाओं का आना उसे मजबूती प्रदान करता है। न तो डरना है और न ही किसी को डराना है। पुलिस को समावेशी और संवेदनशील बनाए रखना है।
पीएम बोले, पुलिस सेवा से ओलंपिक की तैयारी करानी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु निवासी रोहण जगदीश, जिन्हें कर्नाटक कैडर मिला है, से पूछा, आपने हिंदी कहां सीखी। रोहण बोले, आईपीएस की ट्रेनिंग के दौरान हिंदी सीखने का मौका मिला है। मेरे पिता कर्नाटक पुलिस में एसआई भर्ती हुए थे और 37 साल बाद एसपी के पद से रिटायर हुए हैं। पीएम ने पूछा, क्या ट्रेनिंग मुश्किल लगी। रोहण ने कहा, नहीं। चूंकि मेरे पिता पुलिस में रहे हैं, इसलिए दिक्कत नहीं आई। जब मैं आईपीएस ट्रेनिंग अकादमी में पहुंचा तो मुझे वहां पढ़ने को मिला कि हम सब में एक शिल्प है। उससे हम बेहतर कर सकते हैं। पीएम ने पूछा, ट्रेनिंग सिस्टम को बेहतर कैसे बना सकते हैं तो परिवक्षाधीन आईपीएस रोहण बोले, मैं इस व्यवस्था से खुश हूं। पीएम ने उन्हें सलाह दी कि पुलिस सेवा से ओलंपिक की तैयारी भी कराएं। इससे जवानों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। रोहण ने पीएम की बात स्वीकार करते हुए कहा, मैंने इसे ट्रेनिंग के दौरान ही नहीं, बल्कि अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है। साथियों और सहयोगियों को भी उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रेरित करता रहूंगा। प्रधानमंत्री ने सभी परिवक्षाधीन अधिकारियों से कहा, उत्साही युवा अधिकारी पुलिस में फिटनेस सिस्टम को गंभीरता से लागू कर सकते हैं। जब कोई राष्ट्र विकास के पथ पर आगे बढ़ता है तो देश के बाहर से भी और भीतर से भी चुनौतियां बढ़ती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दांडी यात्रा के हवाले से कहा, अगर साधन न्यायपूर्ण हैं तो भगवान भी साथ देते हैं।