संसद भवन में बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले के बाद वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर तमाम सवाल उठ रहे हैं। इस बीच दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने दावा किया है कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने का मुख्य साजिशकर्ता पकड़े गए आरोपियों के बजाय कोई और है। पुलिस की तरफ से फिलहाल इस मामले में जांच जारी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि फरार आरोपी ललित झा ने चार आरोपियों द्वारा इस हरकत को अंजाम देने के बाद घटना का एक वीडियो अपने एनजीओ पार्टनर को भेजा।
यूएपीए की धारा के तहत केस दर्ज
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने यूएपीए की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। गृह मंत्रालय ने भी जांच के आदेश दिए। गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि लोकसभा सचिवालय के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने संसद की सुरक्षा में चूक की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। सीआरपीएफ के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई है, जिसमें अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सदस्य और विशेषज्ञ शामिल हैं।
क्या हुआ था संसद में
बुधवार दोपहर में दो आरोपी मनोरंजन डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया।
दूसरी ओर, उसके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललित और विशाल शर्मा के रूप में दो अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।