ऑनलाइन क्लास (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
कोरोना महामारी के कारण डेढ़ साल से बंद चल रहे स्कूल और ऑनलाइन पढ़ाई होने से बच्चों के सीखने की क्षमता प्रभावित हो रही है। शिक्षा पर संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्कूल खोलने की जरूरत पर जोर देते हुए इसकी एक योजना शुक्रवार को संसद में पेश की है।
संसदीय समिति ने कहा, गणित, विज्ञान और स्कूल स्तर पर पढ़ाई जा रही भाषाओं से जुड़े सिद्धांतों को ऑनलाइन पढ़ाई में सीखना मुश्किल होगा। कई माता-पिता व बच्चे ऐसे हैं जिनके पास या तो मोबाइल है नहीं या फिर उन्हें चलाना भी नहीं आता। ऐसे में बहुत से बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित है। समिति ने कहा, लॉकडाउन के दौरान प्रभावित हुई पढ़ाई को दूर करने और बच्चों में सीखने की आदत की नींव मजबूत करने के लिए जरूरी है कि स्कूल खोले जाएं।
इस तरह जल्द खोले जा सकते हैं स्कूल
- सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ के टीकाकरण में तेजी लाए जाएं
- स्कूल में दो पालियों में कक्षाएं लगें ताकि शारीरिक दूरी का पालन हो सके
- नियमित थर्मल जांच, प्रत्येक स्कूल में प्रशिक्षित कर्मियों सहित दो ऑक्सीजन सिलिंडर जैसी व्यवस्था की जाए
आंकड़ों में समिति की रिपोर्ट
- 32 करोड़ बच्चों की पढ़ाई महामारी से प्रभावित हुई जिनमें अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र से
- 85 फीसदी बच्चों के ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ने का शिक्षा मंत्रालय ने किया दावा पर जमीनी हकीकत अलग