फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका: परंपरागत स्वास्थ्य प्रणालियों पर आयुष मंत्रालय का ध्यान केंद्रित कराने की मांग

Sun, 08 Aug 2021 03:01 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली

सार

  • सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर आयुष मंत्रालय का बजट बढ़ाने की भी अपील
विज्ञापन
आयुष मंत्रालय - फोटो : AYUSH Ministry
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आयुष मंत्रालय को देश की सभी परंपरागत स्वास्थ्य प्रणालियों पर समान रूप से ध्यान केंद्रित करने का निर्देश देने की मांग वाली एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया कि आयुर्वेद का अत्यधिक व्यवसायीकरण होने से नेचुरोपैथी और एक्यूप्रेशर जैसी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों पर लोगों का ध्यान ही नहीं जाता।

विज्ञापन


वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी  ने इस याचिका में दलील दी कि आजकल विभिन्न रसायनों से तैयार उत्पादों को भी आयुर्वेद का ठप्पा लगाकर बाजार में उतारा जा रहा है। त्रिपाठी ने कोर्ट से सरकार को आयुर्वेद के उत्पादों के लिए मानक स्थापित करने का निर्देश देने की मांग की है। याचिका में आयुष मंत्रालय का बजट बढ़ाने का निर्देश देने, ध्यान एवं षट्कर्म की अलग शाखाएं खोलने व आयुष अनुसंधान संस्थान खोलने का निर्देश देने की मांग की।

जनता को दें नेति व आहार उपचार विज्ञान की जानकारी
याचिका में केंद्र, राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों को आयुर्वेद के नेति एवं आहार उपचार विज्ञान के बारे में जनता को पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश देने की मांग की।  ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका पालन करें और स्वस्थ भारत की ओर बढ़ें।
विज्ञापन


योग, नेचुरोपैथी के लिए अलग चैनल, सोशल मीडिया प्लेटफार्म की भी मांग
याचिका में सरकार को योग, ध्यान व नेचुरोपैथी के लिए एक अलग आयुष टीवी चैनल और विशेष सोशल मीडिया प्लेटफार्म शुरू करने का निर्देश देने की भी मांग की गई।  इससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसके महत्व को समझ सकेंगे।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मिलेगी मदद
याचिका में दलील दी गई कि भारत के प्राचीन चिकित्सा तंत्र में कोरोना जैसी महामारी से निपटने की क्षमता है। इनकी मदद से कोरोना की तीसरी लहर से जंग आसान होगी। योग, नेचुरोपैथी ध्यान और षट्कर्म की मदद से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें