ऑस्ट्रेलिया में सबसे खराब ऑनलाइन बाल यौन शोषण योजनाओं में से एक के लिए एक पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति को 17 साल जेल की सजा सुनाई गई है, जिसने खुद को एक 15 वर्षीय सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर होने का दावा करके देश और विदेशों में सैकड़ों लड़कियों को निशाना बनाया गया था।
यूट्यूब स्टार बनकर किया बच्चियों को ब्लैकमेल
जानकारी के मुताबिक 29 वर्षीय मुहम्मद जैन उल अबीदीन रशीद ने 119 मामलों में दोष स्वीकार किया, जो ब्रिटेन, अमेरिका, जापान और फ्रांस समेत 20 देशों के 286 लोगों से जुड़ा था। एक समाचार एजेंसी के अनुसार इस मामले में पीड़ितों में से दो-तिहाई 16 वर्ष से कम आयु के थे। पर्थ की एक अदालत ने पाया कि आरोपी रशीद ने लड़कियों को उनके प्रियजनों को उनके स्पष्ट संदेश और तस्वीरें भेजने की धमकी देकर उन्हें ऐसा करने के लिए बाधित किया। रशीद ने खुद को एक यूट्यूब स्टार होने का नाटक किया और सैकड़ों बच्चियों को गंदी हरकतें करने के लिए ब्लैकमेल किया।
ऐसा अपराध ऑस्ट्रेलिया में कभी नहीं हुआ- न्यायाधीश
एक समाचार एजेंसी के अनुसार आरोपी रशीद को साल 2033 में पैरोल मिल सकेगी, जब उसकी आयु 38 साल होगी। वहीं मंगलवार को पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के जिला न्यायालय में उसे सजा सुनाते हुए, न्यायाधीश अमांडा बरोज ने कहा कि अपराधों की मात्रा इतनी बड़ी है कि ऑस्ट्रेलिया में इसकी तुलना करने का कोई मामला नहीं है, जो मुझे मिल सके।
बच्चों से बहला-फुसलाकर मांगता था तस्वीरें
आरोपी रशीद अलग वेश में बच्चों से ऑनलाइन संपर्क करता था, उन्हें ऑनलाइन स्टार की तस्वीरें भेजता था और उनका विश्वास जीतने के लिए शुरू में उनसे सहज प्रश्न पूछता था। इसके बाद वो पीड़ितों से ऐसी तस्वीरें मांगता, जिन्हें वह रेट कर सके और बाद में धमकी दी कि वह उनके जवाबों के स्क्रीनशॉट मित्रों और परिवार को भेज देगा, जब तक कि वे यौन कृत्य नहीं करेंगे - जिसमें परिवार के पालतू जानवर और अन्य छोटे भाई-बहन शामिल हों।
वहीं सजा सुनाते हुए न्यायाधीश बरोज ने कहा कि ये अपराध अपमानजनक प्रकृति के थे और परिवार के पालतू जानवर से जुड़ा आचरण विशेष रूप से घृणित था। जबकि अदालत को बताया गया कि इस घिनौने कृत्य के दौरान रशीद एक टाइमर सेट करता था, और धमकी देता था कि यदि वे उसकी मांगें पूरी नहीं करेंगे तो वह उनकी और उनकी तरफ से बनाई गई अन्य तस्वीरें सभी को भेज देगा।
आत्महत्या करने वाले थे कई पीड़ित बच्चे
इस मामले में कुछ पीड़ित बच्चों ने बताया की वो इससे परेशान होकर आत्महत्या करने वाले थे। वहीं ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस के सहायक आयुक्त डेविड मैकलीन ने कहा, ये सबसे भयानक सेक्सटॉर्शन मामलों में से एक है। इस प्रकार का ऑनलाइन शोषण और दुर्व्यवहार विनाशकारी है और आजीवन आघात का कारण बनता है।