गौतेंग प्रांत में ओमिक्रॉन के अचानक मामले बढ़ने से पता चलता कि यह आसानी से फैलता है। हालांकि यह डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक है या नहीं, इस बारे में फिलहाल कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। इससे संक्रमित कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें लोगों में कोई लक्षण नहीं उभरा।
प्रतिरक्षा को पूरी तरह खत्म कर सकता है
कोई तथ्यात्मक टिप्पणी नहीं की जा सकती। वैसे, अफ्रीका में टीके लगवा चुके लोग भी इसकी चपेट में आए हैं। कुछ महामारीविद यह पता लगा रहे हैं कि टीकाकरण करा चुके कितने लोगों में ओमिक्रॉन फैला है। फाइजर टीका बनाने वाली कुछ कंपनियां ज्यादा डाटा की प्रतीक्षा कर रही हैं। ताकि, तय किया जा सके कि उनकी एमआरएनए वैक्सीन में किस संशोधन की जरूरत है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि ओमिक्रॉन प्रतिरक्षा को पूरी तरह से खत्म करने की ताकत रखता है।
सावधानियां
फिलहाल कोरोना दिशानिर्देशों का पालन और पूर्ण टीकाकरण ही समाधान है। यह सभी को मानकर चलना चाहिए कि महामारी थोड़ी थमी जरूर है पर खत्म नहीं हुई है।
चिंताजनक
वायरस का कोई स्वरूप तब चिंताजनक (वेरिएंट ऑफ कंसर्न/वीओसी) बन जाता है, जब वह तेजी से फैलने और नुकसान पहुंचाने के साथ टीके की क्षमता को प्रभावित कर सकता हो।
महामारीविदों ने ओमिक्रॉन के किसी एचआईवी पीड़ित से उभरने का अंदेशा जताया है। एड्स पीड़ित की प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। उसमें कोरोना वायरस अधिक अवधि तक रह जाए तो वह ज्यादा मजबूत स्वरूप में दूसरे लोगों में फैल सकता है।
टीकों की क्षमता जानने में जुटी कंपनियां
टीका निर्माता मॉडर्ना ने कहा है, कंपनी ओमिक्रॉन के खिलाफ अपनी वैक्सीन की क्षमता परख रही है। वहीं, एस्ट्राजेनेका और जॉनसन एंड जॉनसन भी टीके पर नए स्वरूप का असर समझ रही है।
ओमिक्रॉन से सतर्कता जरूरी, विदेशी उड़ानों की करें समीक्षा : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पीएम ने कोविड-19 के फैलाव और टीकाकरण पर शीर्ष अफसरों के साथ बैठक में 15 दिसंबर से विदेशी उड़ानों में छूट देने के फैसले की समीक्षा के लिए भी कहा। सरकार ने एक दिन पहले ही यह फैसला किया था।
प्रधानमंत्री को अफसरों ने बताया कि दुनिया में फिर से कोविड-19 का उभार हो रहा है। नए वेरिएंट के लक्षणों और विभिन्न देशों में इसके असर की जानकारी भी दी। पीएम मोदी ने संभावित खतरे को देखते हुए हर विदेशी उड़ान की निगरानी, कोविड दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रियों की जांच व नए वेरिएंट के जोखिम वाले देशों के यात्रियों पर विशेष ध्यान देने को भी कहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन को डेल्टा वेरिएंट की तरह ही अत्यंत संक्रामक बताया है।
दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को मुंबई में क्वारंटीन किया जाएगा। यात्रियों के सैंपल के जीनोम सीक्वेंसिंग भी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा घोषित ‘जोखिम वाले देशों’ से आने वालों के लिए कर्नाटक और गुजरात में आरटी-पीसीआर जांच जरूरी कर दी है।
द. अफ्रीका से बेंगलुरु पहुंचे दो यात्री संक्रमित
दक्षिण अफ्रीका से बेंगलुरु पहुंचे दो भारतीय कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि, ये दोनों डेल्टा वायरस से संक्रमित हैं। उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि अफ्रीकी देशों से पहुंचे 94 यात्रियों की जांच की जा रही है।