सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते नक्सलियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ में एक आठ लाख की इनामी नक्सली महिला को मुढभेड़ में मार गिराया था, तो वहीं 11 इनामी नक्सलियों से आत्मसमर्पण कराया।
ओडिशा के मलकानगिरि जिले में एक जंगल में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान माओवादियों के एक ठिकाने का पता चला, जहां नक्सलियों द्वारा भारी मात्रा में रखे गए विस्फोटक और हथियार जब्त किए गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
मलकानगिरि के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश डी खिलारी ने बताया कि नक्सलियों के ठिकाने का पता विशेष अभियान समूह (एसओजी) और ओडिशा पुलिस के जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा स्वाभिमान अंचल के जोदंबो क्षेत्र में शुरू किये गए एक संयुक्त अभियान के दौरान चला। उन्होंने बताया कि विशिष्ट सूचना पर कार्रवाई करते हुए स्वाभिमान अंचल में अरापदार-अंद्रापल्ली गांवों के पास गहन खोज अभियान चलाया गया। इसके परिणामस्वरूप माओवादियों के एक प्रमुख ठिकाने का पता चला। उन्होंने बताया कि उक्त ठिकाने से हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए।
एसपी ने कहा कि इससे माओवादियों द्वारा भारी मात्रा में जमा किए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद हुए। उन्होंने कहा कि नक्सलियों का इरादा इन हथियारों का इस्तेमाल निर्दोष नागरिकों और सुरक्षा बलों के खिलाफ करने का था।
ये हथियार बरामद किए
अधिकारी ने बताया कि जब्त हथियारों में 148 गोलियां, 14 ग्रेनेड, दो बारूदी सुरंग, 13 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और अन्य सामान शामिल हैं।
खिलारी ने कहा कि इससे क्षेत्र में माओवादियों के विध्वंसकारी और राष्ट्रविरोधी षड्यंत्रों को बड़ा झटका लगा है।उन्होंने कहा कि संदेह है कि विस्फोटक आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमेटी (एओबीएसजेडसी) के नक्सलियों के हैं। उन्होंने कहा कि इस जब्ती के मद्देनजर इस क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।