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Praveen Nettaru: प्रवीण नेट्टारु हत्याकांड में एनआईए के 33 जगह छापे, कहा- हत्यारों को थी हिंदुओं के प्रति नफरत

Wed, 07 Sep 2022 01:06 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।

सार

एनआईए जांच में पता चला है कि आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का सक्रिय सदस्य है। और उसने हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने की साजिश के तहत योजना बनाकर नेट्टारू की हत्या की थी।
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एनआईए की छापेमारी (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भाजपा युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेट्टारु की हत्या के सिलसिले में मंगलवार को कर्नाटक के तीन जिलों मैसूरु, कोडागु और दक्षिण कन्नड़ में 33 स्थानों पर छापेमारी की। एनआईए ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। एनआईए ने छापेमारी के दौरान आरोपी और संदिग्धों के ठिकाने से डिजिटल उपकरण, इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद, कामचलाऊ हथियार, नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज, पर्चे और संदिग्ध साहित्य बरामद किया। मामले में आगे की जांच जारी है।

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एजेंसी ने यह कार्रवाई दक्षिण कन्नड पुलिस द्वारा अगस्त में एक व्यक्ति सीए अब्दुल कबीर को गिरफ्तार करने के करीब एक माह बाद की है। इस व्यक्ति को नेट्टारु की हत्या की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि प्रवीण नेट्टारू की हत्या के मामले में 27 जुलाई को दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे पुलिस स्टेशन में पहला मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद चार अगस्त को एनआईए ने इस मामले में फिर से मामला दर्ज किया था। बेल्लारे में नेट्टारु की दुकान के सामने एक वाहन में सवार तीन लोगों ने 26 जुलाई को भाजपा युवा मोर्चा नेता की हत्या कर दी थी। राज्य सरकार की सिफारिश के बाद तीन अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को इस मामले की जांच सौंपने का आदेश दिया था। 
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एनआईए जांच में पता चला है कि आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का सदस्य है और आरोपी हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने की साजिश के तहत योजना बनाकर नेट्टारू की हत्या की थी।

बजरंग दल कार्यकर्ता के हत्यारों को थी हिंदुओं के प्रति नफरत : एनआईए 
एनआईए ने हाल ही में एक विशेष अदालत के समक्ष आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में कहा गया है कि इस साल फरवरी में यहां बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या के आरोपियों को हिंदू समुदाय के प्रति नफरत थी।

कर्नाटक में हिजाब विवाद के बीच, बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष की हत्या कर दी गई थी। आरोपपत्र में कहा गया है, जांच से पता चला है कि सीएए-एनआरसी के मुद्दे, हिजाब विवाद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की गोरक्षा गतिविधियों के दौरान आरोपियों को हिंदू समुदाय से नफरत पैदा हो गई थी। इन कारणों से, आरोपियों ने हिंदू समुदाय के लोगों के बीच भय पैदा करने और शिवमोगा शहर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने की साजिश रची। आरोप पत्र के मुताबिक, आरोपी शिवमोगा में जुलूस, समारोहों के दौरान हिंदू समुदाय के प्रमुख नेताओं की आवाजाही पर नजर रख रहे थे। उन लोगों ने एक प्रमुख हिंदू नेता के रूप में हर्ष पर नजर रखी और उनकी हत्या के लिए हथियार जुटाए।

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