NHRC: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि अगर मीडिया रिपोर्ट की सामग्री सही है, तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है, जो चिंता का विषय है। एनएचआरसी ने कहा कि यह घटना कानून लागू करने वाली एजेंसियों और राज्य में शांति, कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैनात बलों की ओर से चूक का संकेत देती है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मीडिया में आई उस खबर का संज्ञान लिया है जिसमें कहा गया है कि मणिपुर के तेंगनौपाल में सैबोल के पास लीथाओ गांव में सोमवार को हुई गोलीबारी में कम से कम 13 लोग मारे गए। आयोग ने कहा है कि अगर मीडिया रिपोर्ट की सामग्री सही है, तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा है, जो चिंता का विषय है।
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एनएचआरसी ने कहा कि यह घटना कानून लागू करने वाली एजेंसियों और राज्य में शांति, कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैनात बलों की ओर से चूक का संकेत देती है।
आयोग ने कहा कि यह राज्य सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों और उनकी संपत्तियों की रक्षा करे और समुदायों के बीच भाईचारे की भावना को बढ़ावा दे। एनएचआरसी को मई 2023 से मणिपुर में हिंसा की घटनाओं में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाने वाले एनजीओ और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से कई शिकायतें मिल चुकी हैं।
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एनएचआरसी ने इस मामले में मुख्य सचिव और पुलिस उपायुक्त को नोटिस जारी किया है। आयोग ने नोटिस जारी कर दो सप्ताह में घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में पुलिस द्वारा पंजीकृत प्राथमिकी की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा ऐसी हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी मांग गई है।