पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने पानागढ़ इलाके से एक कॉलेज के छात्र को गिरफ्तार किया है। उससे पूछताछ करने के बाद मिले इनपुट के आधार पर उसके साथ काम करने वाले पांच अन्य को भी हिरासत में लिया गया है। सभी पर बांग्लादेश के आतंकी संगठन से कथित संबंध रखने का आरोप है। दूसरी ओर केरल में केएसयू और एमएसएफ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।
पश्चिम बंगाल पुलिस के एसटीएफ ने पानागढ़ इलाके से एक कॉलेज के छात्र को गिरफ्तार किया गया। उसकी पूछताछ के आधार पर उसके साथ काम करने वाले पांच अन्य को बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठन से कथित संबंध रखने के आरोप में हिरासत में लिया है। वहीं केरल में केएसयू और एमएसएफ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन कर रहे 12 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
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पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पश्चिम बर्धमान जिले के पानागढ़ इलाके से एक कॉलेज से कंप्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष के छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छात्र बांग्लादेश के प्रतिबंधित इस्लामी संगठन शहादत-ए-अल-हिकमा के साथ जुड़ा था। एसटीफ ने शनिवार को देर शाम उसे पानागढ़ स्थित घर से हिरासत में लिया है। बता दें कि शहादत-ए-अल-हिकमा बांग्लादेश में प्रतिबंधित इस्लामी आतंकवादी संगठन है। एक अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ ने छात्र से पूछताछ की। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने उसी जिले के नवाबघाट इलाके से पांच और लोगों को गिरफ्तार किया।
एसटीएफ अधिकारी ने बताया, " जिस छात्र को गिरफ्तार किया गया वह पश्चिम और पूर्व बर्धमान जिलों से युवकों को आतंकी संगठन में भर्ती करने की कोशिश कर रहा था। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।" उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से एक छात्र का भाई है। ये पांचों आतंकी संगठन में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ ने छात्र का लैपटॉप और डायरी समेत कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। 2016 में एनआईए ने जिले के कांकसा इलाके से एक छात्र को आईएसआई से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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वहीं केएसयू और एमएसएफ के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। मालाबार के उत्तरी केरल क्षेत्र के स्कूलों में प्लस-वन (कक्षा 11) सीटों की कथित कमी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया गया।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन केरल एनजीओ यूनियन के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। तब केरल छात्र संघ (केएसयू) और मुस्लिम छात्र संघ (एमएसएफ), कांग्रेस और भारतीय संघ मुस्लिम लीग की छात्र शाखा ने उनको काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया। नाडक्कवु पुलिस ने कहा कि शनिवार शाम के विरोध प्रदर्शन के लिए 12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
दरअसल केरल में विपक्षी दल उत्तरी केरल के स्कूलों में प्लस-वन सीटों की कथित कमी से संबंधित मुद्दों को हल करने में राज्य सरकार की उदासीनता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 11 जून को इस क्षेत्र के मलप्पुरम जिले के परप्पनंगडी में एक छात्रा ने कथित तौर पर इस चिंता में आत्महत्या कर ली थी कि उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्लस-वन में सीट मिलेगी या नहीं। इस मुद्दे पर वामपंथी सरकार की जमकर आलोचना की जा रही है। जबकि कांग्रेस मांग कर रही है कि मालाबार क्षेत्र के स्कूलों में सीटों की कथित कमी को दूर करने के लिए अतिरिक्त प्लस-वन सीटें आवंटित की जाएं, केरल सरकार ने दावा किया है कि प्लस-वन प्रवेश में कोई संकट नहीं है।