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CJI: सीजेआई चंद्रचूड़ बोले- 24 साल के कार्यकाल में कभी सियासी दबाव का सामना नहीं करना पड़ा

Thu, 27 Jun 2024 08:30 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

CJI: सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि भारत में न्यायाधीशों को विवादों पर इस तरह से फैसला करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है कि अदालतें मौजूदा भावनाओं के विपरीत संवैधानिक परंपराओं के आधार फैसले ले सकें।
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सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने गुरुवार को न्यायपालिका में विधायिका के किसी भी दखल की आशंका को खारिज किया। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश के रूप में अपने 24 साल के कार्यकाल में उन्हें कभी किसी सरकार से किसी राजनीतिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। यह बात उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनियन की ओर से आयोजित एक चर्चा सत्र के दौरान एक सवाल के जवाब में कही।

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सीजेआई ने कहा, "भारत में न्यायाधीशों को विवादों पर इस तरह से फैसला करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है कि अदालतें मौजूदा भावनाओं के विपरीत संवैधानिक परंपराओं के आधार फैसले ले सकें।" राजनीतिक दबाव के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "अगर आप मुझसे सरकार के दबाव के अर्थ में पूछ रहे हैं, तो मैं आपको बताता हूं कि बीते चौबीस वर्षों से जब से मैं न्यायाधीश रहा हूं, मैंने कभी भी राजनीतिक दबाव का सामना नहीं किया। भारत में हम जिन लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं, उनमें यह भी शामिल है कि हम ऐसा जीवन जीते हैं जो सरकार की राजनीतिक शाखा से अलग-थलग है।"

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने आगे कहा, अगर आपका मतलब व्यापक अर्थों में राजनीतिक दबाव से है कि एक न्यायाधीश किसी ऐसे फैसले के प्रभाव को महसूस कर रहा है, जिसके राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं। तो जाहिर है कि जब आप संवैधानिक मामलों पर फैसला कर रहे हों तो न्यायाधीशों को अपने फैसलों के प्रभाव से अवगत होना चाहिए। मेरा मानना है कि यह राजनीतिक दबाव नहीं है। 
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सामाजिक दबाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि न्यायाधीश अक्सर अफने फैसलों में सामाजिक प्रभाव के बारे में सोचते हैं। सीजेआई ने कहा, हमारे द्वारा निपटाए गए मामलों में गहन सामाजिक प्रभाव शामिल हैं। न्यायाधीश के रूप में मेरा मानना है कि सामाजिक व्यवस्था पर हमारे फैसलों के प्रभाव के बारे में जागरूक होना हमारा दायित्व है। 

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