दक्षिण मुंबई के चर्चगेट इलाके में स्थित पॉलिटेक्नीक कॉलेज के सरकारी छात्रावास में 18 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने कहा है कि इस मामले का मुख्य संदिग्ध हॉस्टल का गार्ड है। उसकी आधिकारिक तौर पर नियुक्ति नहीं की गई थी, बावजूद इसके वह सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था। उसने घटना को अंजाम देने के बाद एक ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित कमरे में रह रही पीड़िता पॉलिटेक्निक की छात्रा थी। वह मंगलवार को पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम के आखिरी पेपर के बाद घर जाने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर कपड़े से गला दबा कर उसकी हत्या कर दी गई।
अपराध में कोई और शामिल था?
उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की अब तक की जांच में सामने आया है कि सुरक्षा गार्ड ने मंगलवार तड़के घटना को अंजाम देने के बाद एक उपनगरीय ट्रेन के सामने आत्महत्या कर ली। मृतक के कमरे की चाबी उसकी जेब से मिली है। हम इस बात की भी जांच कर रहे है कि क्या इस अपराध में कोई और शामिल था।
उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहने वालों की सुरक्षा के लिए आधिकारिक तौर पर तीन सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए गए थे। आरोपी हॉस्टल में रहने वालों के कपड़े इस्त्री करता था। उसे आधिकारिक तौर पर सुरक्षा गार्ड के रूप में नियुक्त नहीं किया गया था। बावजूद इसके उसे अनौपचारिक रूप से यह काम दिया गया था।
खराब था चौथी मंजिल पर लगा सीसीटीवी कैमरा
पुलिस अधिकारी ने कहा कि हॉस्टल की इमारत में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन चौथी मंजिल पर लगा सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा था। ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी ने इसका फायदा उठाया। घटना के दिन मृतक छात्रा चौथी मंजिल पर अपने कमरे में अकेली थी। इस घटना से पहले पहले चौथी मंजिल पर रहने वाली दो छात्राओं ने परीक्षा के बाद छात्रावास छोड़ दिया था।
सात लोगों के दर्ज हुए बयान
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने अब तक पीड़िता के परिवार के सदस्यों, अन्य कैदियों और छात्रावास के अधिकारियों सहित सात लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इस दौरान पीड़िता की एक दोस्त ने पुलिस को बताया कि सुरक्षा गार्ड उसे परेशान करता था। साथ ही पीड़िता के पिता ने भी यही आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने इस मामले में समय पर उचित कदम नहीं उठाने के लिए हॉस्टल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
हॉस्टल प्रशासन का यह है दावा
वहीं, हॉस्टल वार्डन ने पुलिस को बताया कि उसे आरोपी सुरक्षा गार्ड के खिलाफ पहले कभी कोई शिकायत नहीं मिली थी। अगर शिकायत पहले की गई होती तो उसका तत्काल समाधान किया जाता।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता सोमवार की रात 11.30 बजे तक अपनी महिला मित्र के साथ थी। आरोपी को मंगलवार सुबह चार बजकर 44 मिनट पर छात्रावास से निकलते हुए देखा गया। अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपी ने अपना मोबाइल फोन सुरक्षा केबिन में छोड़ दिया था। छात्र के चचेरे भाई की शिकायत और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर, सुरक्षा गार्ड के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या की सजा) और 376 (बलात्कार) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा कि मृतका का शव गुरुवार को उसके माता-पिता को सौंप दिया जाएगा।
सरकार ने गठित की जांच समिति
महाराष्ट्र सरकार ने दक्षिण मुंबई में स्थित सरकारी छात्रावास के कमरे में हुई 18 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की है।उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चन्द्रकांत पाटिल ने घटना के सामने आने के एक दिन बाद यह घोषणा की है। सरकार ने एक आदेश में कहा, राज्य के परियोजना निदेशक डॉक्टर निपुन विनायक एक सदस्यीय कमेटी के प्रमुख होंगे। उच्च शिक्षा विभाग के राज्य निदेशक और उच्च शिक्षा विभाग के संभागीय संयुक्त निदेशक उनकी मदद करेंगे। जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जानी चाहिए।