वहीं, उपनगर भांडुप में वन विभाग परिसर की दीवार ढह जाने से 16 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई। इस बीच, रात भर हुई भारी बारिश के कारण विहार झील में पानी भर गया और रविवार सुबह झील का पानी बाहर बहने लगा। बीएमसी के मुताबिक विहार झील की भंडारण क्षमता दो लाख 76 हजार 980 लाख लीटर है। यह झील मुंबई के जलाशयों में सबसे छोटी है व जल आपूर्ति तंत्र का हिस्सा है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी बारिश के कारण मुंबई में दीवार गिरने की घटनाओं में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मृतकों के परिजन को पांच लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की है।
मौसम विज्ञानी अक्षय देवरा के अनुसार मुंबई में तीन घंटे में 250 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई जो रविवार सुबह 305 मिलीमीटर तक पहुंच गई। देवरा ने ट्वीट किया, 'दूसरे शब्दों में कहा जाए तो इस तूफान की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट से करीब दोगुनी है। इस तरह के तूफान यकीनन मुंबई के लिए या पश्चिमी तट के लिए सामान्य बात नहीं हैं, वह भी तब जब मानसून सक्रिय है और जुलाई जैसा माह है।'
भांडुप के जलशोधन संयंत्र में पानी भरने के बाद बीएमसी ने लोगों से पेयजल उबालकर पीने की अपील की है। पानी भरने से बिजली के वे उपकरण ठप हो गए हैं, जिससे जल को शुद्ध किया जाता था। यह मुंबई को पीने के पानी की आपूर्ति करने वाला एक प्रमुख स्थान है। एक अधिकारी ने कहा कि पानी को उबालना बचाव का सबसे बेहतर उपाय है। शहर के ज्यादातर हिस्सों में जलापूर्ति प्रभावित हुई है।