कार्मिक मंत्रालय ने कहा है कि 31 मार्च को सेवानिवृत्त होने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा। मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया, कोरोना वायरस महामारी के चलते देश भर में लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट किया जाता है कि 31 मार्च, 2020 तक अपनी सेवा पूरी करने वाले केंद्रीय कर्मियों के रिटायर होने की समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी, चाहे वे घर से या दफ्तर से काम कर रहे हों।
लॉकडाउन के दौरान निलंबन आदेश सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा नहीं
केंद्र सरकार लॉकडाउन की अवधि से पहले निलंबन आदेश व स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के नोटिस स्वीकार करने जैसे कार्यों की समीक्षा नहीं करेगी। कार्मिक मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा, कोरोना वायरस महामारी फैलने के मद्देनजर लॉकडाउन से उत्पन्न स्थिति पर विचार करते हुए केंद्रीय लोक सेवा (वर्गीकरण अपील व नियंत्रण) नियम 1965 व केंद्रीय लोक सेवा (पेंशन) नियम, 1972 में बताई गई समयसीमा का पालन करना संभव नहीं है।
अगर लॉकडाउन शुरू होने पर किसी प्रक्रिया या कार्य को पूरा करने की निर्धारित तारीख 20 दिन बाद आती है तो यह लॉकडाउन के दौरान स्थगित रहेगी। लॉकडाउन हटाने के बाद ही 20 दिन काम करने के लिए उपलब्ध रहेंगे। आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन हटाने के बाद अगर काम पूरा करने में 15 दिन से कम वक्त लगता है तो प्रक्रिया को इस अवधि में पूरा करने की अनुमति दी जा सकती है।
मंत्रालय ने सभी सरकारी विभागों को जारी आदेश में कहा कि जहां सीधी भर्ती, प्रतिनियुक्ति आदि के लिए आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि लॉकडाउन के दौरान आती है तो ऐसी स्थिति में अंतिम तिथि लॉकडाउन के दिनों के आधार पर बढ़ाई जाएगी। इसी प्रकार सीसीएस आचार नियम 1964 में निर्धारित सीमा को विभिन्न प्रयोजनों के लिए लॉकडाउन के दिनों की संख्या के आधार पर बढ़ाया जाएगा।