असम और मिजोरम के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर गुरुवार को राहत भरी खबर आई थी जब दोनों राज्यों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि हम अंतर राज्यीय सीमा के आसपास तनाव को दूर करने और बातचीत के जरिए विवादों के स्थायी समाधान खोजने के लिए तैयार है। हालांकि, शुक्रवार को मिजोरम ने आरोप लगाया कि असम सरकार ने ट्रैवल एडवाइजरी (यात्रा संबंधी सलाह) तो हटा ली है लेकिन यातायात अभी भी शुरू नहीं हो पाया है।
मिजोरम के मुख्य सचिव लालनुनमाविया चुआउंगो ने शुक्रवार को कहा कि असम ने 29 जुलाई को ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी उसे कल (गुरुवार) रात वापस ले लिया गया। फिर भी, अभी तक यातायात शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि हमने यह मुद्दा असम सरकार के सामने उठाया है। उम्मीद है कि यह नाकाबंदी जल्द हटा ली जाएगी।
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असम सरकार ने गुरुवार को एक आदेश जारी करके पूर्व में दी गई मिजोरम की यात्रा न करने की सलाह वापस ले ली थी। इसमें कहा गया था, दोनों राज्यों की सरकारों के प्रतिनिधियों की ओर से जारी संयुक्त बयान के मद्देनजर, 29 जुलाई की यात्रा सलाह (असम के लोगों को मिजोरम की यात्रा न करने की सलाह) वापस ली जाती है।
जोरामथांगा ने कहा था असम को धन्यवाद
यह एडवाइजरी वापस लेने के लिए मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा ने एक ट्वीट में असम सरकार को धन्यवाद कहा। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि असम की सरकार को धन्यवाद, क्योंकि असम सरकार ने पहले जारी की गई यात्रा सलाह को वापस ले लिया, जिसमें असम के लोगों को मिजोरम की यात्रा न करने की सलाह दी गई थी।
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उल्लेखनीय है कि 26 जुलाई को विवादित सीमा क्षेत्र में दोनों राज्यों के पुलिस बलों के बीच हिंसक मुठभेड़ हो गई थी। इस हिंसा में सात लोगों की जान चली गई थी, जिनमें असम पुलिस के छह कर्मचारी और एक नागरिक शामिल था। इसके साथ ही 50 से अधिक लोग घायल हुए थए। इसके बाद मामले में केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया था।