देश में महामारी के बाद आर्थिक रिकवरी पर मंथन के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के मुख्यमंत्रियों व वित्त मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें राज्यों ने पूंजीगत व्यय बढ़ाने का आग्रह किया। वित्त मंत्री ने बताया कि 22 नवंबर को राज्यों को 47,541 रुपये के मासिक हस्तांतरण के अलावा इतनी ही राशि अतिरिक्त रूप से जारी की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वित्त मंत्री सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15 राज्यों के मुख्यमंत्री, तीन राज्यों के उपमुख्यमंत्री, जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल व अन्य राज्यों के वित्त मंत्री शरीक हुए। बैठक का विषय कोरोना महामारी के बाद देश में आर्थिक रिकवरी।
बैठक के बाद वित्त मंत्री ने बताया कि कुछ मुख्यमंत्रियों ने राज्यों का पूंजीगत व्यय बढ़ाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि यह उनके लिए कर हस्तांतरण का एक हिस्सा पाने में मददगार होगा।
सीतारमण ने बताया कि मैंने वित्त सचिव को तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा वित्त सचिव को 22 नवंबर को राज्यों को 47,541 रुपये की संचयी मासिक हस्तांतरण राशि के साथ अतिरिक्त 47,541 करोड़ रुपये जारी करने की सलाह दी है। इसका यह अर्थ हुआ कि राज्यों को मासिक हस्तांतरण राशि के अलावा, राज्यों को इतनी ही राशि की अतिरिक्त किस्त दी जाएगी।
एक्साइज ड्यूटी में कमी का पूरा बोझ केंद्र पर
वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने बताया कि पेट्रोल के दाम में पांच रुपये लीटर व डीजल के दाम में 10 रुपये लीटर की एक्साइज ड्यूटी नॉन शेयरेबल हिस्से से कम की गई है। यानी इससे होने वाला समूचा नुकसान केंद्र सरकार उठाएगी। इसके कारण राज्य सरकार को कोई बोझ नहीं उठाना होगा।
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