फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वैक्सीन की रेस: जानिए किन देशों ने दी है भारतीय टीके को मान्यता और कब तक मिलेगी कोवाक्सीन को मंजूरी?

Thu, 21 Oct 2021 09:53 AM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोवीशील्ड को ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है। इसका उत्पादन भारत के पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करता है। वहीं, कोवाक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी वैक्सीन है और इसका निर्माण भारत बायोटेक कंपनी करती है।
विज्ञापन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सात टीकों को मान्यता दे चुका है। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनियाभर में कोरोना महामारी को काबू करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सात टीकों को मान्यता दे चुका है। इनमें मॉडर्ना, फाइजर, जॉनसन एंड जॉनसन, ऑक्सफोर्ड की एस्ट्राजेनेका, भारत की कोवीशील्ड और चीन की सीनोफार्म और सीनोवैक शामिल है।  
विज्ञापन


टीके की इस दौड़ में भारत की ओर से दो वैक्सीन कोवीशील्ड और कोवाक्सीन बनाई गई है। कोवीशील्ड को ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनेका ने तैयार किया है। इसका उत्पादन भारत के पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया करता है। वहीं, कोवाक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी वैक्सीन है और इसका निर्माण भारत बायोटेक कंपनी करती है।

कोवाक्सीन को भी जल्द मिल सकती है मान्यता
कोवीशील्ड को डब्ल्यूएचओ से मान्यता मिल चुकी है, लेकिन कोवाक्सीन को अब तक मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन 26 अक्तूबर को कोवाक्सीन को इमरजेंसी प्रयोग की मंजूरी देने के मामले में महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि कोवाक्सीन को जल्द ही मान्यता मिल सकती है। भारत बायोटेक ने भी बताया है कि कंपनी ने इमरजेंसी प्रयोग की मंजूरी के लिए सभी जरूरी दस्तावेज डब्ल्यूएचओ को सौंप दिए हैं। देश में लोगों ने कोवाक्सीन की डोज भी ली है, लेकिन इसे अब तक मान्यता न मिलने के कारण उन्हें विदेश जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोवाक्सीन की ही दोनों डोज ली है। 
विज्ञापन


कोवीशील्ड को 46 देशों में मान्यता
भारत में अब तक कोरोना टीके की लगभग 100 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। इनमें कोवीशील्ड और कोवाक्सीन, दोनों शामिल हैं। भारत में बनी कोवीशील्ड को अब तक 46 देशों ने मान्यता दी है। इनमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, बेलारूस, लेबनान, आर्मेनिया, यूक्रेन, बेल्जियम, हंगरी, सर्बिया और ब्रिटेन शामिल हैं। इसके अलावा भारत के पड़ोसी देश नेपाल, मालदीव और कई अन्य देशों ने भी भारतीय वैक्सीन को मान्यता दी है। 

ब्रिटेन से विवाद
ब्रिटेन ने कोवीशील्ड टीके की दोनों खुराक लेने के बावजूद ब्रिटेन आने वाले भारतीयों के लिए 10 दिन के अनिवार्य क्वारंटीन का नियम लागू करने का फैसला किया था। इसके जवाब में भारत ने भी  ब्रिटिश नागरिकों को भारत आने पर 10 दिन का अनिवार्य क्वारंटीन और आने से पूर्व व बाद में कोरोना परीक्षण जैसी सख्त शर्तें लगा दी थी। हालांकि, इसके बाद दोनों देशों ने इस फैसले को वापस ले लिया। 

कोवाक्सीन को भी कुछ देश देते हैं मान्यता
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोवाक्सीन को मान्यता न देने के बावजूद भी कई ऐसे देश हैं जो इसे अपने यहां मान्यता दे रहे हैं। इन देशों में गुयाना, ईरान, मॉरिशस, मेक्सिको, नेपाल, पराग्वे, फिलीपींस और जिम्बाब्वे शामिल है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें