हादसे से नौ साल पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा गठित एक सुरक्षा सलाहकार समिति के एक सदस्य ने चेतावनी देते हुए कहा था कि करीपुर हवाई अड्डा असुरक्षित है और यहां लैंडिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि शुक्रवार को हुए हादसे से पता चलता है कि उनकी चेतावनी पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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विमान के खाई में गिरते ही सुनाई देने लगी थीं घायलों की चीखें
विमान खाई में गिरने के बाद दुर्घटनास्थल पर बेहद भयावह माहौल था। हर तरफ घायलों की चीखें, रोते-बिलखते बच्चे और खून से सने कपड़ों के अलावा एंबुलेंस के साइरन के शोर ने हादसे की जगह ऐसा माहौल पैदा किया किया जिसे देखकर हर कोई दहल गया।
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हादसा बारिश की वजह से रनवे गीला होने के चलते हुआ
एयर इंडिया की दुबई-कालीकट उड़ान (IX-1344) शुक्रवार की शाम 7.41 बजे लैंडिंग करते वक्त फिसल गई। जानकारी के अनुसार यह हादसा बारिश की वजह से रनवे गीला होने के चलते हुआ। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया है।
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10 साल पहले ऐसे ही हादसे में गई थी 158 लोगों की जान
करीब 10 साल पहले यानी, 22 मई 2010 में ठीक ऐसा ही एक हादसा मंगलूरू में हुआ था। उस वक्त एयर इंडिया की फ्लाइट 812 दुबई से मंगलूरू आई थी। यह फ्लाइट भी लैंडिंग के वक्त रनवे से फिसल गई थी और पहाड़ी में गिर गई थी। इस हादसे में 158 लोगों की मौत हुई थी।
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कैप्टन साठे ने अपनी जान देकर बचाई औरों की जान
कोझिकोड में दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान के पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे और कैप्टन अखिलेश कुमार थे। कैप्टन दीपक फाइटर पायलट थे और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र थे। वायु सेना अकादमी से स्वॉर्ड ऑफ ऑनर प्राप्त कैप्टन दीपक ने मिग विमानों को सबसे ज्यादा उड़ाया था। इन दोनों पायलटों ने अपनी जान देकर कई यात्रियों की जान बचा ली।
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दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे और कैप्टन अखिलेश कुमार थे। कैप्टन साठे बेहद ही अनुभवी पायलट थे और वे वायु सेना अकादमी द्वारा स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से भी सम्मानित किए गए थे। कोरोना वायरस की वजह से वे भी दुबई में फंस गए थे और लंबे समय के बाद अपने वतन लौटने को लेकर वह बहुत खुश थे लेकिन उन्हें क्या पता था कि मौत उनका इंतजार कर रही है।
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भारत के ये सात रनवे हैं बेहद खूबसूरत
करीपुर एयरपोर्ट का रनवे बेहद दर्शनीय माना जाता है। टेबल टॉप होने की वजह से ऐसे रनवे दिखने में जितने सुंदर होते हैं, यहां लैंडिंग उतनी ही जोखिम भरी होती है। आइए एक नजर देश के कुछ ऐसे ही रनवे पर डालते हैं जो अपनी खूबसूरती के साथ-साथ प्राकृतिक बनावट की वजह से भी विश्व विख्यात हैं।
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