केरल में सत्ताधारी सीपीआई (एम) के एक वरिष्ठ नेता की बेटी ने अपने माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाया है। 23 वर्षीय महिला का आरोप है कि उसके माता-पिता ने एक साल पहले उसे जबरन उसके नवजात बच्चे से दूर कर दिया। महिला ने पुलिस के पास इसकी शिकायत की है और बच्चे को वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
सीपीआई (एम) की स्थानीय समिति के सदस्य पीएस जयचंद्रन की बेटी अनुपमा एस चंद्रन ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इसे लेकर अप्रैल से कई बार पुलिस के पास शिकायत की, लेकिन उन्होंने मामला दर्ज नहीं किया।
हालांकि, पेरूरक्कडा पुलिस ने कहा कि इस संबंध में छह लोगों के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया गया था। यह मामला महिला के माता-पिता, बहन, पति और पिता के दो दोस्तों के खिलाफ दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि देरी इसलिए हुई क्योंकि मामले में कानूनी राय का इंतजार किया जा रहा था।
अनुपमा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की पूर्व नेता रह चुकी हैं, जो कि सीपीआई (एम) की ही एक सांगठनिक इकाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैंने इसे लेकर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के पास शिकायत की थी, लेकिन कोई भी मेरी मदद करने के लिए आगे नहीं आया।
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार अनुपमा ने एक टीवी चैनल के साथ बात करते हुए कहा, 'अगर कोई महिला अपने बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास पहुंचती है तो क्या उन्हें इसी तरह का व्यवहार करना चाहिए? क्या ऐसे हर मामले के लिए पुलिस कानूनी राय का इंतजार करती है।'
अनुपमा एस चंद्रन और पार्टी के यूथ फेडरेशन लीडर अजीत के बीच प्रेम संबंध थे और अनुपमा के माता-पिता को ये पसंद नहीं था। अनुपमा की शिकायत के अनुसार बच्चे का जन्म होने के तीन दिन बाद ही उसके माता-पिता बच्चे को लेकर चले गए थे। अनुपमा के अनुसार बीती 19 अक्तूबर को बच्चा एक साल का हो गया है।