कर्नाटक के बंगलूरू में एक महिला और उसकी नौ महीने की बेटी की बिजली का करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल महिला अपने बेटी को लेकर बंगलूरू के होप फार्म इलाके में फुटपाथ से गुजर रही थी। इस दौरान एक बिजली का तार वहां पड़ा हुआ था, महिला ने गलती से उस पर पैर रख दिया। जिससे महिला और उसकी बेटी की मौत हो गई।
पीड़िता की पहचान सौंदर्यानंद और उसकी बेटी सुविक्षा के रूप में हुई है। महिला अपने पति के साथ तमिलनाडु से बंगलूरू पहुंची थी और अपने घर लौटते समय सुबह छह बजे यह घटना घट गई। घटनास्थल पर महिला का बैग और अन्य सामान भी बिखरा पड़ा था। पुलिस ने बताया कि करंट लगने से महिला और उसकी बेटी की मौके पर ही मौत हो गई और उनमें आग लग गई। महिला के पति ने दोनों को बचाने की काफी कोशिश की लेकिन वह कुछ नहीं कर सका। घटना की सूचना पाकर काडुगोडी पुलिस थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बिजली का तार बंगलूरू इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (बेसकोम) का था। घटना के बाद पुलिस ने बेसकोम के तीन कर्मचारियों से घटना के बारे में पूछताछ भी की है। कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री के जे जॉर्ज ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में एक लाइनमैन, असिस्टेंट इंजीनियर, असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पीड़ित के परिजनों को पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद का एलान किया गया है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक संदेश में केजे जॉर्ज ने घटना पर दुख जताया।
अरुणाचल प्रदेश में भूकंप के झटके
अरुणाचल प्रदेश में सोमवार को भूकंप के झटके लगे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग इलाके में दोपहर करीब 1.48 बजे आया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.6 मैग्नीट्यूड मापी गई। अभी तक भूकंप में किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।
महाराष्ट्र के गढ़ चिरौली में खनन का विरोध करने पर आठ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी करने से रोका, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। दरअसल गढ़चिरौली जिले के सूरजगढ़ में लौह अयस्क की छह खदानों में खनन प्रस्तावित है, जिनका स्थानीय आदिवासी बहुल गांवों के 70 से ज्यादा लोग ढाई सौ से ज्यादा दिनों से विरोध कर रहे हैं। सोमवार को महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ सीमा पर एतापल्ली तालुका में वांगेतुरी इलाके में पुलिस स्टेशन का उद्घाटन होना था, जिसके लिए पुलिसकर्मी स्टेशन जा रहे थे लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिसकर्मियों को स्टेशन जाने से रोका। इसके बाद पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में ले लिया।