कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा को विधानसभा उपचुनाव में एक सीट पर जीत तो दूसरी पर हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने सिंदगी सीट पर जीत हासिल कर ली, लेकिन सीएम बसवराज बोम्मई के चुनाव क्षेत्र से सटे हंगल विस क्षेत्र में पार्टी हार गई। हंगल से कांग्रेस प्रत्याशी विजयी हुआ। हंगल में बोम्मई ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। इसलिए यहां हारना उनके लिए झटके की तरह है।
देश के 14 राज्यों की 29 विधानसभा व तीन लोकसभा सीटों के लिए 30 अक्तूबर को उपचुनाव हुए थे। दो नवंबर को मतगणना के बाद नतीजों का एलान किया गया। कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा व सीएम बोम्मई के लिए ये नतीजे खट्टे-मीठे रहे।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार सिंदगी से भाजपा के रमेश भुसनूर 31,185 वोटों से जीत हासिल की। उन्हें 93,865 वोट मिले, जबकि उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अशोक मंगुली को 62,680 वोट मिले।
उधर, हंगल में कांग्रेस के श्रीनिवास माने ने 7,373 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 87,490 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के शिवराज सज्जनार को 80,117 वोट मिले। जेडीएस को दोनों सीटों पर तीसरा स्थान मिला।
कर्नाटक की ये दो सीटें सिंदगी के जेडीएस विधायक एमसी मंगुली के निधन के कारण तो हंगल से भाजपा विधायक सीएम उदासी के निधन के कारण रिक्त हुई थीं। इस तरह देखें तो भाजपा ने हंगल सीट खोई और सिंदगी सीट जेडीएस से छीन ली। वहीं कांग्रेस ने एक सीट अपने खाते में जोड़ी है।
हंगल सीट से भाजपा का हारना सीएम बोम्मई के लिए झटका है। वह पड़ोसी हावेरी जिले की शिगांव सीट से प्रत्याशी हैं और उन्होंने हंगल सीट बरकरार रखने के लिए गहन प्रचार किया था। कर्नाटक का सीएम पद संभालने के बाद बोम्मई के लिए यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा थी।
कांग्रेस का अच्छा प्रदर्शन
उधर, कांग्रेस नेता उपचुनाव में पार्टी के प्रदर्शन से खुश नजर आ रहे हैं, क्योंकि पार्टी ने हंगल सीट भाजपा से छीन ली है और सिंदगी में भी अपना प्रदर्शन सुधारा है। यहां पार्टी 2018 के चुनाव में तीसरे नंबर पर थी, जो इस उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आ गई है। सिंडगी में 69.47 फीसदी वोट पड़े थे, जबकि हंगल में 83.76 फीसदी वोट पड़े।