इन दिनों दिल्ली, पंजाब से लेकर राजस्थान तक आसमान में बस कोहरा ही नजर आ रहा है। बात करें राजस्थान की, तो मौसम विभाग ने कहा है कि पांच साल बाद राजस्थान में कोहरे से विजिबिलिटी 50 मीटर तक घट गई। इससे पहले 14 जनवरी 2016 को विजिबिलिटी 50 मीटर रिकॉर्ड की गई थी। इसकी वजह प्रदेश में एक कम तीव्रता का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होना बताया जा रहा है। शीतलहर के चलते कड़ाके की ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है। हालांकि 4-5 दिन बाद मौसम बदलने के आसार हैं। तब ठिठुरन से राहत मिल सकती है।
कहीं कोहरा तो कहीं सर्द हवाएं
राजस्थान में कोहरे से पारा गिर गया है जिससे स्थानीय लोगों का बाहर निकलना तक दूभर हो गया है। मौसम विभाग ने बताया कि सोमवार को राज्य के कुल 18 जिलों में आसमान कोहरे से ढका हुआ था। कई जगहों पर इससे सूबह 10-11 बजे तक सूरज नहीं दिखा। जहां कहीं धूप निकली भी तो सर्द हवाओं की वजह से गलन व ठिठुरन के बीच उसका असर न के बराबर रहा। फतेहपुर शेखावाटी में बीती रात को पारा गिरकर 2 डिग्री से नीचे चला गया। माउंट आबू में भी पारा लगातार 9वें दिन माइनस में रहा। जयपुर में पिछले हफ्ते न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री रहा। यहां भी सुबह कोहरे की चादर बिछी रही।
इन जिलों में छाया रहा घना कोहरा
मौसम विभाग केंद्र के अनुसार 17 जनवरी को राजस्थान के कई जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया था। इसमें पूर्वी राजस्थान के अलवर, भीलवाड़ा, झुंझुनूं, सीकर, टोंक जिले में शीत लहर के साथ घना कोहरा छाया रहा। इसी तरह, अजमेर, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, जयपुर, करौली, कोटा, सवाईमाधोपुर जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा बना रहा। बात पश्चिमी राजस्थान की करें तो बीकानेर, चुरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, नागौर जैसे जिलों में भी शीतलहर और घना कोहरा रहा।
4-5 दिनों तक ठंड से राहत नहीं
मौसम विभाग जयपुर केंद्र के डायरेक्टर राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य में रविवार को इस सीजन का सबसे घना कोहरा रहा। जनवरी के पहले सप्ताह में ही हुई अच्छी बारिश से यह स्थिति बन रही है। डायरेक्टर शर्मा के मुताबिक अभी चार-पांच दिन और ऐसे हालात बने रहने की आशंका है। 22 जनवरी के बाद मौसम में बदलाव होने की संभावना है। इससे तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।