गोवा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दयानंद नार्वेकर अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए। हालांकि उनके आप में शामिल होने के साथ ही उन पर अतीत में लगे भ्रष्टाचार के आरोप दोबारा से चर्चा में आ गए।
नार्वेकर ने कहा, मेरे पास कई पार्टियों के प्रस्ताव थे, लेकिन मैंने एक ऐसी पार्टी चुनने का फैसला किया जो गैर-भ्रष्ट, गैर-विवादास्पद हो और लोगों के मुद्दों को आगे ले जाए। आप की 20-25 निर्वाचन क्षेत्रों में अच्छी उपस्थिति है। आप गोवा में खुद को कांग्रेस और भाजपा के विकल्प के तौर पर पेश कर रही है।
नार्वेकर ने कहा कि जब वह आप के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिले, तो उन्हें आप सरकार की उपलब्धियों के बारे में जानकर आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि इस पार्टी का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा नाम है।
नार्वेकर पर भ्रष्टाचार का मामला हुआ था दर्ज
हालांकि नार्वेकर के अतीत ने आप के भीतर उथल-पुथल मचा दी है, जो भ्रष्टाचार के विरोध के नाम पर शुरू हुई थी। नार्वेकर पर 2002 में भारत-ऑस्ट्रेलिया एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच के लिए नकली टिकट छापने और बेचने के मामले में गोवा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था।
हजारों दर्शकों को असली टिकट होने के बावजूद पहले से ही भरे हुए स्टेडियम में प्रवेश करने से मना कर दिया गया था। तब नार्वेकर पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया गया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
टीएमसी से गठबंधन पर जीएफपी के विकल्प खुले
गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनावों के संबंध में सभी विकल्प खुले रखे हैं। पार्टी अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने बुधवार को ये बात उस समय कही जब उनसे पूछा गया था कि पार्टी सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ टीएमसी के साथ गठबंधन करेगी या नहीं।
यह पूछे जाने पर कि क्या जीएफपी अगले साल फरवरी में होने वाले गोवा चुनावों के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन करेगी, उन्होंने न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया।
टीएमसी ने हाल ही में घोषणा की थी कि वह गोवा चुनाव लड़ेगी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक लुजिन्हो फलेरियो और कुछ अन्य नेता हाल ही में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं। निर्दलीय विधायक प्रसाद गांवकर ने भी टीएमसी को अपना समर्थन दिया।
जीएफपी प्रमुख ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि गोवा में टीएमसी नई पार्टी है। लोग इसे भाजपा के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। सरदेसाई की पार्टी ने 2017 के चुनावों के बाद गोवा में सरकार बनाने में भाजपा नेता मनोहर पर्रिकर की मदद की थी। पर्रिकर के निधन के बाद 2019 में प्रमोद सावंत के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद भगवा पार्टी से अलग हो गए।