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विद्युत संकट: बिहार और राजस्थान में हो रही बिजली की भारी कटौती, मध्यप्रदेश का भी बुरा हाल

Tue, 31 Aug 2021 02:38 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोल इंडिया से कोयले की सप्लाई बाधित होने के कारण देश के कई राज्यों में बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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कोल इंडिया से कोयले की सप्लाई बाधित होने के कारण देश के कई राज्यों में बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनटीपीसी के कई संयंत्रों में कोयले की पर्याप्त आपूर्ति न हो पाने से पर्याप्त बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है। 

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बिहार और राजस्थान में 5 घंटे से अधिक की बिजली कटौती
बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में भी शहरों और गांवों में तीन घंटे से लेकर पांच घंटे तक की कटौती हो रही है। इन राज्यों में बिजली की कटौती होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिहार में  बेगूसराय, सहरसा और भागलपुर जैसे शहरों में बिजली की कटौती की जा रही है। राजस्थान में भी कोयले की कमी से चलते पूर्ण रूप से बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है। वहीं इसी के चलते अब स्थिति यह आ गई है कि प्रदेश के चार हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन प्रभावित हो गया है जिससे कि जिला मुख्यालयों को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में अघोषित कटौती लगातार जारी है। 

मध्यप्रदेश में भी बुरा हाल
कोयले सप्लाई में कमी का असर मध्यप्रदेश पर भी पड़ रहा है। राज्य में हो रही अघोषित बिजली कटौती से जनता परेशान नजर आ रही है। किल्लत इतनी बढ़ गई है कि अब विपक्ष के साथ-साथ भाजपा के विधायक भी सरकार से सवाल करने लगे हैं। कुछ इलाकों में तो 12 से 15 घंटे तक बत्ती गुल रहती है। भाजपा विधायकों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। 
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जानकारी के अनुसार सारणी पावर प्लांट की 200 मेगा वाट इकाई, 210 मेगा वाट इकाई, सिंगाजी पावर प्लांट के 600 मेगा वाट की इकाई और बिरसिंहपुर पावर प्लांट की एक इकाई में बिजली उत्पादन ठप्प हो गया है। प्रदेश के थर्मल पावर प्लांट में मुश्किल से दो से तीन दिनों का कोयला बचा है। दरअसल, कोल इंडिया कंपनी और प्रायवेट कंपनियों से कोयला नहीं मिल पा रहा। क्योंकि, दोनों की सरकार पर करोड़ों की देनदारी हो गई है।

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