ईडी ने कार्रवाई करते हुए बैंक धोखाधड़ी मामले में पनवेल के चार बार के विधायक विवेकानंद शंकर पाटिल और उनके रिश्तेदारों की 150 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है।
बैंक धोखाधड़ी मामले में पनवेल के चार बार के विधायक विवेकानंद शंकर पाटिल और उनके रिश्तेदारों की 150 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने एक मामले में यह कार्रवाई की। मामले की जानकारी गुरुवार को अधिकारियों द्वारा दी गई।
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साथ ही ईडी ने सोशल मीडिया साइट पर पोस्ट करते हुए लिखा, बैंक धोखाधड़ी मामले में 12 अक्तूबर को विशाल भूमि, बंगले, आवसीय परिसर समेत 150 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को जब्त किया गया है। ईडी ने शेतकारी कामगार पक्ष पार्टी से चार बार के विधायक और उनके रिश्तेदारों पर यह कार्रवाई की गई है। ईडी ने साथ ही कहा, इस मामले में कुल कुर्की करीब 386 करोड़ रुपये है।
ईडी ने 2019 में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर यह जांच शुरू की।
क्या है मामला?
रिजर्व बैंक के कहने पर 2019-20 में ऑडिट किए जाने के बाद यह धोखाधड़ी सामने आई। जब यह पता चला कि पाटिल द्वारा 63 फर्जी ऋण खातों के जरिए करनाला चैरिटेबल ट्रस्ट और करनाला के ऋण खातों में बैंक से धनराशि निकाली जा रही थी। खेल अकादमी, जिसकी स्थापना और नियंत्रण विवेकानन्द पाटिल ने किया था।