डीआरडीओ ने बृहस्पतिवार को कहा कि एडवांस्ड चैफ मैटीरियल व चैफ कार्टिरेज-118 के सफल परीक्षण के बाद भारतीय वायुसेना ने इस तकनीक को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अब दुश्मन के रडार और रडार गाइडेड मिसाइलें भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को नहीं पकड़ पाएंगी। रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) की जोधपुर लैब ने पुणे की एनर्जी मैटेरियल रिसर्च लैब के साथ मिलकर एक एडवांस्ड चैफ तकनीक विकसित की है, जो हर तरह के रडार का ध्यान भटकाकर विमान को अदृश्य बना देती है।
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डीआरडीओ ने बृहस्पतिवार को कहा कि एडवांस्ड चैफ मैटीरियल व चैफ कार्टिरेज-118 के सफल परीक्षण के बाद भारतीय वायुसेना ने इस तकनीक को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ की प्रशंसा करते हुए इसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और कदम बताया है।