आम आदमी पार्टी से जुड़ा संगठन ‘देश की बात फाउंडेशन’ ने जाने माने अर्थशास्त्रियों, समाजशास्त्रियों और राजनीति विज्ञानियों से परामर्श कर राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का एक खाका बना लिया है। अब अगले दो वर्षों के दौरान वह पूरे देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों और अध्यापकों से इस ड्राफ्ट पर सुझाव लेगा। यह ड्राफ्ट बृहस्पतिवार को दिल्ली में जारी किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी ने आरएसएस की तर्ज पर बनाया है यह अराजनीतिक संगठन
संगठन का कहना है, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी नीति देश के हर व्यक्ति को रोजगार का अधिकार वैसे ही देगी जैसे शिक्षा का अधिकार दिया गया है। एक अक्तूबर से आठ अक्तूबर तक देशभर में वेबिनार के जरिये इस पर चर्चा की जाएगी जिसके दौरान आए सुझावों को ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।
संगठन के एक पदाधिकारी का दावा है कि उन्होंने देशभर में तहसील स्तर तक अपना संगठन खड़ा कर लिया है। लगभग 4000 से अधिक पदाधिकारियों की नियुक्ति हो चुकी है। आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तर्ज पर यह गैर-राजनीतिक संगठन तैयार किया है।
आप नेता गोपाल राय हैं संयोजक
संगठन का दावा है कि यह एक अराजनीतिक पहल है। लेकिन चूंकि इस फाउंडेशन के संयोजक दिल्ली में आप सरकार के पर्यावरण और वन मंत्री गोपाल राय हैं, इसलिए माना जा रहा है कि 2024 के आम चुनाव से पहले छात्रों और युवाओं को रोजगार के मुद्दे पर आप से जोड़ने का यह एक प्रयास है।
इसलिए असफल हुआ आईएसी
आप नेताओं का मानना है कि उनका आंदोलन इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) तीव्र, जनता को आंदोलित करने वाला और देशव्यापी होने के बावजूद एक मजबूत संगठन न होने की वजह से खत्म हो गया। यदि आप के पास भी संघ की तरह एक अराजनीतिक संगठन होता तो आईएसी आज भी जीवित होता। यह कमी देश की बात फाउंडेशन पूरी कर सकता है।