पश्चिम बंगाल की हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर में गुरुवार 30 सितंबर को मतदान शुरू हो गया है। कोलकाता पुलिस ने यहां मंगलवार शाम 6:30 बजे से ही मतदान के समापन तक सभी मतदान केंद्रों के 200 मीटर त्रिज्या क्षेत्र में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगा दिया है। जानकारी के अनुसार, वोटिंग शाम साढ़े छह बजे तक चलेगी।
चुनाव में भाजपा की टिबरेवाल मैदान में
भवानीपुर सीट पर आज मतदान होगा। इससे पहले यहां पर भाजपा और टीएमसी का तूफानी प्रचार हुआ। इस बीच कई जगह हिंसा भी देखने को मिली। दोनों दलों के स्टार प्रचारकों ने जमकर सभा और रैलियां कीं। इस सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव लड़ रही हैं, वहीं भाजपा ने प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में उतारा है।
घोष के सुरक्षाकर्मियों ने बंदूक तानी
प्रचार के दौरान सोमवार को भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान भाजपा नेता दिलीप घोष पर हमला किया गया। भाजपा का आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इसे देखते हुए घोष ने निर्वाचन आयोग से राज्य में उपचुनाव टालने की मांग की थी।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव घोषणा होते ही हम जब से चुनाव प्रचार में गए हैं, हमारे कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं। हम एक बस्ती में घर-घर जाकर प्रचार कर रहे थे, प्रचार पूरा हुआ तो हमारे ऊपर हमला हुआ। उन्होंने कहा कि अगर हमारे जैसे नेता पर हमला होता है तो सामान्य जन घर से निकल कर मतदान करेंगे, ये मुझे उम्मीद नहीं है। निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं है इसलिए चुनाव को रद्द किया जाए। जब वातावरण अनुकूल होगा और चुनाव आयोग अपने उम्मीदवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगा तब चुनाव होने चाहिए।
टीएमएसी के कार्यकर्ताओं पर दिलीप घोष के साथ धक्कामुक्की करने का भी आरोप लगा। इस दौरान दिलीप घोष के सुरक्षाकर्मियों ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर बंदूक तान दी। हालांकि, दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को शांत कराया गया।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने भवानीपुर उपचुनाव पर रोक लगाने से किया इनकार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की हाई प्रोफाइल सीट भवानीपुर में 30 सितंबर को होने वाले उपचुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस फैसले को भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। बता दें कि सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष पर हमला के बाद से राजनीति तेज हो गई थी। भाजपा के कई नेता जहां उपचुनाव को टालने की मांग कर रहे थे तो वहीं स्वप्न दासगुप्ता ने चुनाव आयोग से मतदान केंद्र के आसपास धारा 144 लगाने की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय बलों की उपस्थिति में चुनाव करवाने की मांग की थी।